मुंबई, 11 फरवरी. मुंबई की आधुनिक अवसंरचना (Infrastructure) में एक और नया अध्याय जुड़ गया है. मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कोस्टल रोड पर देश के पहले 'मेलोडी रोड' (Musical Road) का सफलतापूर्वक लोकार्पण किया है. इस अनूठी तकनीक के माध्यम से अब कोस्टल रोड पर सफर करने वाले लोगों को ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' के प्रसिद्ध गाने 'जय हो' की धुन सुनाई देगी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को इस अभिनव परियोजना का उद्घाटन किया.
संगीतमय रास्ता?
यह विशेष मेलोडी रोड दक्षिण मुंबई से वर्ली की ओर जाने वाली उत्तरवाहिनी (Northbound) लेन पर तैयार किया गया है. कोस्टल रोड की सुरंग (Tunnel) से बाहर निकलने के बाद वर्ली की दिशा में लगभग 500 मीटर की दूरी पर पहली लेन में 'म्यूजिकल स्ट्रिप्स' लगाई गई हैं. यह लेन डिवाइडर के ठीक बगल में स्थित है. यह भी पढ़े: Mumbai Coastal Road Update: मरीन ड्राइव, वार्डेन रोड और हाजी अली से मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ वॉर्ड्स में प्रवेश बंद; वैकल्पिक मार्ग चुनने की सलाह
सफर के दौरान सुनाई देगी ‘जय हो’ की धुन
A stretch of the Mumbai Coastal Road will now play music as vehicles drive over it, making it India’s first “musical road”.The initiative will be inaugurated by Chief Minister Devendra Fadnavis on Wednesday, February 11, at 12.30 pm. For motorists to be able the hear the sound… pic.twitter.com/vl1L5Y29dq
— Richa Pinto (@richapintoi) February 10, 2026
टायर और सड़क के घर्षण से निकलेगा संगीत
मेलोडी रोड की तकनीक मूल रूप से जापान में विकसित हुई थी. इस तकनीक में सड़क की सतह पर एक निश्चित अंतराल और गहराई पर छोटे-छोटे खांचे (Grooves) या रंबल स्ट्रिप्स बनाई जाती हैं. जब कोई वाहन इन पट्टियों के ऊपर से गुजरता है, तो टायर और सड़क के बीच होने वाले घर्षण से कंपन पैदा होता है. यही कंपन संगीत के सुरों में बदल जाता है, जो वाहन के भीतर बैठे यात्रियों को स्पष्ट सुनाई देता है.
संगीत का आनंद लेने के लिए तय करनी होगी गति
'जय हो' की धुन को स्पष्ट रूप से सुनने के लिए वाहन चालकों को एक मानक गति बनाए रखनी होगी.
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निश्चित गति: धुन सुनने के लिए गाड़ी की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होनी चाहिए.
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यदि गति इस सीमा से कम या ज्यादा होती है, तो धुन स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं देगी.
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चालकों की सुविधा के लिए सुरंग के भीतर 500 मीटर, 100 मीटर और 60 मीटर पहले ही सूचना बोर्ड लगा दिए गए हैं ताकि वे अपनी गति नियंत्रित कर सकें.
हंगेरियन तकनीक और लागत
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को एक हंगेरियन कंपनी के सहयोग से पूरा किया गया है. बीएमसी ने इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹6.21 करोड़ खर्च किए हैं. वर्तमान में जापान, दक्षिण कोरिया, हंगरी और अमेरिका जैसे देशों में ऐसे मेलोडी रोड मौजूद हैं. भारत में इस तरह का प्रयोग पहली बार मुंबई में किया गया है, जिसका उद्देश्य यात्रा के अनुभव को सुखद बनाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है.













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