सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यूनिवर्सिटी-कॉलेज में हिंसक प्रदर्शनों पर कहा- लोगों को गलत दिशा में लेकर जाना लीडरशिप नहीं
भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि लीडरशीप वह नहीं है जो लोगों को गलत दिशा में लेकर जाती हो. आज हम सब बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में छात्रों की अगुआई में कई शहरों में भीड़ और लोगों को हिंसक प्रदर्शन करते देख रहे हैं. यह लीडरशीप नहीं है.
भारतीय सेना (Indian Army) के प्रमुख जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) ने गुरुवार को विश्वविद्यालयों (Universities) और कॉलेजों के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि लीडरशीप (Leadership) वह नहीं है जो लोगों को गलत दिशा में लेकर जाती हो. आज हम सब बड़ी संख्या में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों (Colleges) में छात्रों की अगुआई में कई शहरों में भीड़ और लोगों को हिंसक प्रदर्शन करते देख रहे हैं. यह लीडरशीप नहीं है. लीडरशिप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक मुश्किल काम है क्योंकि जब आप आगे बढ़ते हैं तो बड़ी संख्या में लोग आपको फॉलो करते हैं.
उन्होंने कहा कि यह दिखने में सामान्य लगता है, लेकिन यह बहुत-बहुत मुश्किल काम है क्योंकि आपके पीछे एक बहुत बड़ी भीड़ है. इसके अलावा जनरल बिपिन रावत ने कहा कि आज जब हम सब दिल्ली में ठंड से खुद को बचाने में जुटे हैं, मैं अपने जवानों की ओर सबका ध्यान खींचना चाहता हूं. यह भी पढ़ें- आर्मी चीफ बिपिन रावत बोले-हम भविष्य के युद्ध भारतीय रक्षा प्रणाली की मदद से जीतेंगे.
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जनरल बिपिन रावत ने कहा सियाचिन और दूसरी ऊंची चोटियों पर तैनात मेरे जवान जहां तापमान भी -10 से -45 डिग्री तक है डटे हुए हैं. उल्लेखनीय है कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बीते दिनों देश के कई यूनिवर्सिटी-कॉलेज में हिंसक प्रदर्शन हुए.