India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहा द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement – BTA) अब नए मोड़ पर है. भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनती हुई नजर आ रही है. कई मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच ये समझौता अटकी हुआ था, लेकिन अब बातचीत फिर से शुरू होने वाली है. इसके लिए अमेरिकी मुख्य वार्ताकार सोमवार देर रात भारत आ रहे हैं. अमेरिका के मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच (Brendan Lynch), जो साउथ और सेंट्रल एशिया के लिए असिस्टेंट यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव हैं, सोमवार रात (15 सितंबर 2025) भारत पहुंचेंगे.
अमेरिका की टीम मंगलवार (16 सितंबर) को भारत के मुख्य वार्ताकार और कमर्शियल विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल से अहम बातचीत करेंगे. बता दें कि पहले अमेरिकी टीम अगस्त में आने वाली थी, लेकिन टैरिफ के चलते बैठक रद्द हो गई थी.
यह दौर की चर्चा पहले 25 अगस्त को होनी थी, लेकिन किसी कारणवश इसे स्थगित कर दिया गया था. अब दोनों देश एक बार फिर बातचीत की मेज पर लौट रहे हैं. कमर्शियल सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि दोनों देश "सकारात्मक सोच" के साथ आगे बढ़ रहे हैं और कुछ गैर-व्यापारिक मुद्दों पर भी कूटनीतिक स्तर पर चर्चा होगी.
US ने लगाया 50 फीसदी टैरिफ
मार्च 2025 से भारत और अमेरिका इस समझौते पर बात कर रहे हैं. लेकिन 2 अप्रैल 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘रिसिप्रोकल’ टैरिफ की घोषणा की थी. इसके तहत अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सभी उत्पादों पर पहले से लागू 10% ड्यूटी के अलावा 50% अतिरिक्त शुल्क लगा दिया.
पहली किश्त के तहत 25% ड्यूटी 1 अगस्त 2025 से लागू हुई. दूसरी किश्त के 25% शुल्क का आदेश 6 अगस्त को जारी हुआ और 27 अगस्त से प्रभावी हुआ. ट्रंप ने कहा था कि भारत रूस से बड़े पैमाने पर सैन्य उपकरण और तेल खरीद रहा है, जिससे रूस-यूक्रेन युद्ध में अप्रत्यक्ष रूप से मदद हो रही है.
कृषि और डेयरी सेक्टर बना बाधा
बीते कुछ महीनों से दोनों देश एक अंतरिम व्यापार डील पर बातचीत कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिका की यह मांग कि भारत अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को पश्चिमी देशों के लिए खोले, एक बड़ी अड़चन बनी हुई है. पहले चरण की डील को अक्टूबर-नवंबर 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब नई रणनीति पर विचार किया जा रहा है.
संतुलित और लाभकारी डील की उम्मीद
दोनों देश एक न्यायसंगत, संतुलित और परस्पर लाभकारी समझौते को लेकर चर्चा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “भारत और अमेरिका के बीच बहुत ही सकारात्मक और आगे की सोच वाली व्यापक रणनीतिक साझेदारी है.”
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम कदम
यह वार्ता न केवल दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा दे सकती है, बल्कि कृषि, ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग का रास्ता भी खोल सकती है. किफायती और न्यायसंगत शर्तों पर समझौता होने से दोनों देशों के उद्योग और उपभोक्ता वर्ग को लाभ मिलने की संभावना है.













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