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भारत अन्य देशों को कोविशील्ड और कोवैक्सीन आपूर्ति करने को तैयार: स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने गुरुवार को लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के राजदूतों के साथ बैठक में कहा कि भारत सभी देशों को कोविशील्ड और को वैक्सीन की आपूर्ति करने को तैयार है. उन्होंने कहा, "भारत 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के दर्शन से प्रेरित है, जिसने हमें अपने सभी दोस्तों को कोविड-19 टीके, एचसीक्यू और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं को उपहार में देने के लिए प्रेरित किया है.

भारत अन्य देशों को कोविशील्ड और कोवैक्सीन आपूर्ति करने को तैयार: स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया
मनसुख मांडविया (Photo Credits: Facebook)

नई दिल्ली, 26 नवंबर : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने गुरुवार को लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों के राजदूतों के साथ बैठक में कहा कि भारत सभी देशों को कोविशील्ड और को वैक्सीन की आपूर्ति करने को तैयार है. उन्होंने कहा, "भारत 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के दर्शन से प्रेरित है, जिसने हमें अपने सभी दोस्तों को कोविड-19 टीके, एचसीक्यू और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं को उपहार में देने के लिए प्रेरित किया है. इसके अलावा, भारत सभी देशों को कोविशील्ड और कोवैक्सीन की आपूर्ति करने के लिए तैयार है." मंडाविया ने अपने संबोधन में भविष्य में प्रकोप से लड़ने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा, "भारत एक 'संपूर्ण सरकार' के अपने दृष्टिकोण के अनुरूप कोविड-19 से लड़ने में सक्षम रहा है, जहां प्रांतीय और स्थानीय शासन ने भारत सरकार के प्रयासों को गति प्रदान की है."

महामारी पर अंकुश लगाने की भारत की रणनीति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में स्वीकृत 6 टीकों में से 2 स्वदेशी रूप से विकसित हैं. 82 फीसदी भारतीयों को टीके की कम से कम एक खुराक प्राप्त करने और 44 फीसदी भारतीयों को पूरी तरह से टीका लगाए जाने के साथ लगभग 1.2 अरब खुराकें दी जा चुकी हैं. मंत्री ने भारत के टीकों को मान्यता देकर लोगों से लोगों के संपर्क को आसान बनाने के लिए देशों के प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया. भारत में टीकाकरण को वर्तमान में 110 देशों द्वारा मान्यता प्राप्त है. उन्होंने कहा, "टीकाकरणों की पारस्परिक मान्यता से पर्यटन और व्यवसाय के लिए यात्रा में आसानी होती है, जिससे आर्थिक सुधार को बढ़ावा मिलता है, जिसकी दुनिया को सख्त जरूरत है." यह भी पढ़ें : संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी

इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि कैसे भारत ने महामारी के दौरान अन्य देशों की मदद की, उन्होंने कहा, "विश्व की फार्मेसी होने के नाते, भारत ने 27 देशों को उदारतापूर्वक एचसीक्यू टैबलेट और अन्य चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की है. वैक्सीन मैत्री पहल के तहत, 95 देशों को 6.63 करोड़ खुराक भेजी गई हैं." मंडाविया ने कहा कि भारत के प्रमुख टेलीमेडिसिन पोर्टल ई-संजीवनी में 7 करोड़ से अधिक टेलीकंसल्टेशन दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी में भारत की विशेषज्ञता के साथ, भारत अपने टीकाकरण कार्यक्रम के लिए कोविन प्लेटफॉर्म को जल्दी से तैनात कर सकता है. उन्होंने कहा कि भारत पहले ही प्रौद्योगिकी को अपनाने के इच्छुक साझेदार देशों के साथ प्रौद्योगिकी साझा कर चुका है और सभी देशों को अपने टीकाकरण को बढ़ाने में मदद करेगा. मंत्री ने यूनिवर्सल हेल्थ केयर की दिशा में भारत के विजयी मार्च पर भी ध्यान केंद्रित किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2021 10:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).