नौकरियों की बहार! सरकार और जोमैटो मिलकर देंगे 2.5 लाख नौकरियां, गिग वर्कर्स को मिलेगा बड़ा फायदा
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और ज़ोमैटो ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत, नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल पर गिग वर्कर्स के लिए हर साल 2.5 लाख नौकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी. इस कदम का मुख्य उद्देश्य गिग इकोनॉमी को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है.
Zomato Partner With India's Labour Ministry: बेरोजगार युवाओं और गिग इकोनॉमी में काम करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के साथ मिलकर एक बड़ा समझौता किया है. इस साझेदारी का मकसद देश में रोजगार के मौके बढ़ाना और गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी पार्टनर्स) के लिए कमाई के रास्ते आसान बनाना है.
क्या है यह समझौता?
इस समझौते के तहत, जोमैटो हर साल लगभग 2.5 लाख नौकरियां सरकार के नेशनल करियर सर्विस (NCS) पोर्टल पर लिस्ट करेगा. यह पोर्टल नौकरी ढूंढने वालों और नौकरी देने वाली कंपनियों के बीच एक पुल का काम करता है. अब ज़ोमैटो पर डिलीवरी पार्टनर या अन्य फ्लेक्सिबल काम करने के इच्छुक लोग सीधे इस सरकारी पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकेंगे.
यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ.
इस साझेदारी से क्या फायदा होगा?
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि यह साझेदारी गिग इकोनॉमी में काम करने वालों को देश की औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ने में एक बड़ा कदम है. उन्होंने बताया कि 2015 में शुरू हुआ NCS पोर्टल अब तक 7.7 करोड़ से ज़्यादा नौकरियों के अवसर जुटा चुका है और यह देश-विदेश में लाखों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है.
सरकार का बड़ा लक्ष्य: सबको सामाजिक सुरक्षा
श्रम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य देश के हर संगठित और असंगठित कामगार को सामाजिक सुरक्षा का फायदा पहुंचाना है. यह समझौता सरकार के 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने में भी मदद करेगा.
मंत्रालय की सचिव सुश्री वंदना गुरनानी ने एक और अच्छी खबर दी. उन्होंने बताया कि दिवाली के आसपास NCS पोर्टल पर नौकरियों के कई नए अवसर आने वाले हैं, जो नौकरी ढूंढ रहे लोगों के लिए त्योहारी तोहफा साबित होंगे.
सिर्फ ज़ोमैटो ही नहीं, कई और बड़ी कंपनियां भी जुड़ीं
सरकार रोजगार बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. पिछले एक साल में ही मंत्रालय ने अमेज़न, स्विगी, रैपिडो, ज़ेप्टो जैसी 14 बड़ी कंपनियों के साथ भी ऐसे ही समझौते किए हैं, जिनसे कुल मिलाकर 5 लाख से ज़्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं. ज़ोमैटो के जुड़ने से यह अभियान और भी मजबूत हो गया है.
कुल मिलाकर, यह साझेदारी नौकरी ढूंढ रहे लोगों और कंपनियों के बीच की दूरी को कम करेगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार देगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2025 10:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

