PM Modi Austria Visit: भारत ने युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध दिया, हम जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे; ऑस्ट्रिया में भारतीय समुदाय से बोले पीएम मोदी- VIDEO
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के वियना में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि शायद आप में से बहुत से लोग यह नहीं जानते होंगे कि भारत और ऑस्ट्रिया अपनी दोस्ती के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं.
PM Modi Austria Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रिया के वियना में एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि शायद आप में से बहुत से लोग यह नहीं जानते होंगे कि भारत और ऑस्ट्रिया अपनी दोस्ती के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. यह ऑस्ट्रिया की मेरी पहली यात्रा है. यहां जो उत्साह मैं देख रहा हूं वह अद्भुत है. 41 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री यहां आया है. भौगोलिक दृष्टि से भारत और ऑस्ट्रिया दो अलग-अलग छोर पर स्थित हैं. लेकिन हमारे बीच बहुत सी समानताएं हैं. भारत की तरह ऑस्ट्रिया का इतिहास और संस्कृति बहुत पुरानी और भव्य रही है. एक दूसरे के साथ हमारा संपर्क भी ऐतिहासिक रहा है. इससे दोनों देशों को लाभ हुआ है. यह लाभ संस्कृति के साथ-साथ वाणिज्य को लेकर भी हुआ है. लोकतंत्र हमारे दोनों देशों को जोड़ता है. स्वतंत्रता, समानता, बहुलवाद और कानून के शासन के प्रति सम्मान हमारे साझा मूल्य हैं. हमारे दोनों समाज बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी हैं.
''दोनों देशों में विविधता का जश्न मनाने की आदत है. इन मूल्यों को दर्शाने का एक प्रमुख माध्यम चुनाव है. ऑस्ट्रिया में कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं, जबकि भारत में हमने अभी लोकतंत्र का उत्सव मनाया है. भारत में सबसे बड़े चुनाव संपन्न हुए.''
भारत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा: PM मोदी
#WATCH | Austria: At a community event in Vienna, PM Narendra Modi says, "Today India is growing at the rate of 8%. With this speed, we will reach the top 3 (economies of the world). I had told the people of the country that in my third term, I would take the country to the top 3… pic.twitter.com/GtVBb0Ry3p
— ANI (@ANI) July 10, 2024
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज भारत 8% की दर से बढ़ रहा है. इस गति से हम दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष 3 पर पहुंच जाएंगे. मैंने देश के लोगों से कहा था कि अपने तीसरे कार्यकाल में मैं देश को दुनिया की शीर्ष 3 अर्थव्यवस्थाओं में ले जाऊंगा. हमारा मिशन 2047 है. देश आजादी के 100 साल मनाएगा, लेकिन वह विकसित भारत की सदी होगी. भारत हर तरह से 'विकसित' होगा. हम अगले 1000 साल के भारत की मजबूत नींव रख रहे हैं. पूरी दुनिया में भारत को लेकर बहुत चर्चा हो रही है. आज भारत क्या सोच रहा है और क्या कर रहा है, इस बारे में बेहतर जानकारी रखने वाली दुनिया का निर्माण करना आवश्यक है. हमने हजारों वर्षों से दुनिया के साथ ज्ञान और विशेषज्ञता साझा की है. हम गर्व से कह सकते हैं कि भारत ने युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध दिया है. जब मैं बुद्ध की बात करता हूं, तो इसका मतलब है कि भारत ने हमेशा शांति और समृद्धि दी है. इसीलिए, 21वीं सदी में भी भारत अपनी इस भूमिका को और मजबूत करने जा रहा है. जब दुनिया आज भारत को विश्व बंधु के रूप में देखती है, तो यह हमारे लिए गर्व की बात है.
पीएम मोदी ने कहा- दो देशों के बीच संबंध सिर्फ सरकारों से नहीं बनते. संबंधों को मजबूत करने के लिए जनभागीदारी जरूरी है. इसलिए मैं इन संबंधों के लिए आपकी भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण मानता हूं. भारत में चुनावों के बारे में सुनकर दुनिया भर के लोग हैरान हो जाते हैं. कुछ सप्ताह पहले ही संपन्न हुए चुनावों में 650 मिलियन से अधिक लोगों ने मतदान किया. इतनी बड़ी चुनावी प्रक्रिया होती है लेकिन मतदान के परिणाम कुछ ही घंटों के भीतर स्पष्ट हो जाते हैं. यह हमारी चुनावी मशीनरी और हमारे लोकतंत्र की ताकत है. भारत में सैकड़ों राजनीतिक दलों के 8000 से अधिक उम्मीदवारों ने इन चुनावों में भाग लिया. इस स्तर का मुकाबला और इतना विविध मुकाबला, उसके बाद ही जनता ने अपना जनादेश दिया. 60 साल बाद, किसी सरकार को भारत में लगातार तीसरी बार सेवा करने का अवसर मिला. शायद आप में से बहुत से लोग यह नहीं जानते होंगे कि भारत और ऑस्ट्रिया अपनी दोस्ती के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं..."कोविड के बाद के युग में, हमने दुनिया भर में हर जगह राजनीतिक अस्थिरता देखी. अधिकांश देशों में सरकारों के लिए बचना आसान नहीं था. दोबारा चुने जाना एक चुनौती रही है. ऐसी स्थिति में, भारत की जनता ने मुझ पर, मेरी पार्टी और NDA पर अपना विश्वास जताया. यह जनादेश इस बात का प्रमाण है कि भारत स्थिरता और निरंतरता चाहता है. ये सातत्य पिछले 10 वर्षों की नीति और कार्यक्रमों का है. ये सातत्य सुशासन का है. ये सातत्य बड़े संकल्पों के लिए समर्पित होकर काम करने का है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2024 12:03 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

