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Independence Day 2020: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कही ये 10 क्रांतिकारी बातें, जिससे देश बनेगा ‘आत्मनिर्भर’

महापर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कई क्रांतिकारी बातें कही. आज सुबह मुख्य समारोह में तिरंगा फहराने के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए ‘आत्मनिर्भर’ और ‘श्रेष्ठ’ भारत बनाने पर बल दिया.

Independence Day 2020: लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कही ये 10 क्रांतिकारी बातें, जिससे देश बनेगा ‘आत्मनिर्भर’
पीएम नरेंद्र मोदी (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली: महापर्व ‘स्वतंत्रता दिवस’ (Independence Day 2020) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने लाल किले (Red Fort) की प्राचीर से कई क्रांतिकारी बातें कही. आज सुबह मुख्य समारोह में तिरंगा फहराने के बाद पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए ‘आत्मनिर्भर’ और ‘श्रेष्ठ’ भारत बनाने पर बल दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश के लिए आत्मनिर्भर बनना अनिवार्य है. हम कब तक दूसरों को कच्चा माल भेजते रहेंगे. हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फॉर वर्ल्ड मंत्र के साथ आगे बढ़ना ही होगा. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के दौरान देश के शहीदों को भी याद किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से कहा कि आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं. हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फॉर वर्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, प्रोडक्ट बनकर भारत में लौटता रहेगा?

लाल किले से पीएम मोदी ने कही ये क्रांतिकारी बातें-

आजादी का पर्व नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लाता है

आजादी का पर्व हमारे लिए आजादी के वीरों को याद करके नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है. ये हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है. अगला आजादी का पर्व जब हम मनाएंगे, तो आजादी के 75 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे. तो ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है: पीएम मोदी

पूरा होगा आत्मनिर्भर भारत का सपना

भारत आत्मनिर्भर के सपने को चरितार्थ करके रहेगा. मुझे देश की प्रतिभा, सामर्थ्य, युवाओं, मातृ-शक्तियों पर भरोसा है. मेरा हिंदुस्तान की सोच-अप्रोच पर भरोसा है. इतिहास गवाह है कि भारत एक बार ठान लेता है तो, भारत उसे करके रहता है.

पूरा विश्व एक परिवार है

विश्व एक परिवार है. आर्थिक विकास होना चाहिए, लेकिन साथ-साथ मानव और मानवता का महत्व होना चाहिए, उसे लेकर ही हम चलते हैं.

पीएम मोदी का पूरा संबोधन-

विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान बढ़ाना है

आज दुनिया इंटर-कनेक्टेड है. इसलिए समय की मांग है कि विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान बढ़ाना चाहिए, इसके लिए भारत को आत्मनिर्भर बनना ही है. जब हमारा अपना सामर्थ्य होगा तो हम दुनिया का कल्याण भी कर पाएंगे.

कब तक कच्चा माल दुनिया में भेजते रहेंगे?

भारत के किसान सिर्फ देश के लोगों का पेट नहीं भरते, बल्कि दुनिया में जहां लोगों को जरूरत होती है, वहां के लोगों का भी पेट भरते हैं: पीएम मोदी  आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, फाइनल प्रोडक्ट बनकर भारत में लौटता रहेगा. इसलिए हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा. देश के किसानों ने आज ये दिखा दिया है कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत बना है.

वोकल फॉर लोकल का संकल्प जरुरी

आजादी के 75 साल के पर्व की ओर जब कदम रख रहे हैं तब वोकल फॉर लोकल जीवन का मंत्र बनना चाहिए, इसका संकल्प लें. आजाद भारत की मानसिकता होनी चाहिए - वोकल फॉर लोकल. हमारे जो स्थानीय उत्पाद हैं उसका हमें गौरवगान करना चाहिए. हम अपनी चीजों का गौरवगान नहीं करेंगे तो उसको अच्छा बनने का मौका नहीं मिलेगा, उसकी हिम्मत नहीं बढ़ेगी.

Make in India के साथ-साथ Make for World का मंत्र आवश्यक

मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक इन वर्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है. कौन सोच सकता था कि कभी देश में गरीबों के जनधन खातों में हजारों-लाखों करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर हो पाएंगे? कौन सोच सकता था कि किसानों की भलाई के लिए APMC एक्ट में इतने बड़े बदलाव हो जाएंगे.

उन्नति प्रगति का स्रोत श्रम शक्ति है

शास्त्रों में कहा गया है- सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्।। किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आज़ादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है. देश के सामान्य नागरिक की मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है.

असाधारण लक्ष्य के रास्ते में होती है चुनौतियों की भरमार

जब हम एक असाधारण लक्ष्य को लेकर चलते हैं, तो रास्ते में चुनौतियों की भरमार होती है. इतनी आपदा के बाद भी सीमा पर देश के सामर्थ्य को चुनौती देने के दुष्प्रयास हुए हैं.

बेस्ट पॉलिसी, प्रोसेस और प्रोडक्ट से साकार होगा श्रेष्ठ भारत का सपना

देश की पॉलिसी, प्रोसेस और प्रोडक्ट्स सब कुछ बेस्ट होना चाहिए, सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए. तभी हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर पाएंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2020 10:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).