नागौर, राजस्थान: बुजुर्ग के साथ ठगी करनेवाले आरोपियों को राजस्थान की मेड़ता पुलिस ने ऐसा सबक सिखाया की अब वे जिंदगी भर याद रखेंगे. इन आरोपियों को पुलिस ने गंजा कर दिया और इसके बाद उन्हें महिलाओं का सलवार सूट पहनाकर पूरे इलाकें में घुमाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है की तीन आरोपियों ने एक बुजुर्ग के साथ लॉटरी के नाम पर 4.5 लाख रुपये जीतने का लालच देकर ठग लिया. नाथू सिंह ने उनके झांसे में आकर एक जानकार से 2 लाख रुपये मंगवाए और उन तीनों को दे दिए. पैसे मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए. इसके बाद पुलिस ने इन ठगों को गिरफ्तार किया और इनकी परेड निकाली.
इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @BharatRaftarTV नाम के हैंडल से शेयर किया गया. ये भी पढ़े:Jalgaon: परिसर के CCTV कैमरे तोड़नेवाले बदमाशों को पुलिस ने सिखाया सबक, इलाके में निकाला जुलुस, जलगांव का VIDEO आया सामने
पुलिस ने ठगों को सिखाया सबक
अपराधियों की महिलाओं के वेश में निकाली बाजार में परेड...#BREAKING #nagore pic.twitter.com/peLDKEVGcK
— Bharat Raftar TV (@BharatRaftarTV) August 1, 2025
आरोपियों को इलाके में घुमाया
मेड़ता शहर में पुलिस ने लॉटरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को महिलाओं की पोशाक पहनाकर पुलिस ने सरेआम बस स्टैंड से कोर्ट तक पैदल परेड करवाई. इन सभी को पुलिस ने सलवार-सूट पहनाकर सिर मुंडवाया और जनता के बीच हाथ जोड़कर ;हमसे गलती हो गई' कहते हुए परेड करवाई.
ठगी के आरोप में सजा
इस पूरे मामले की शुरुआत 21 जुलाई को हुई, जब खेड़ूली गांव के नाथू सिंह नामक बुजुर्ग मेड़ता किसी निजी काम से आए थे. शहर में तीन युवकों ने उन्हें लॉटरी के नाम पर 4.5 लाख रुपये जीतने का लालच देकर ठग लिया.नाथू सिंह ने उनके झांसे में आकर एक जानकार से 2 लाख रुपये मंगवाए और उन तीनों को दे दिए.पैसे मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए.घटना की सूचना मिलते ही मेड़ता थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जयपुर के अनिल सिंधी, अलवर के पूरणमल और खैरथल निवासी कुलभूषण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया. इन सभी को पुलिस ने सलवार-सूट पहनाकर सिर मुंडवाया और जनता के बीच हाथ जोड़कर 'हमसे गलती हो गई' कहते हुए परेड करवाई.
एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में हुई सख्त कार्रवाई
नागौर के एसपी मृदुल कच्छावा और मेड़ता डीएसपी रामकरण मलिंडा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई.पुलिस ने बताया कि इस तरह की पहल का मकसद अपराधियों में डर पैदा करना और लोगों में पुलिस पर भरोसा बढ़ाना है.













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