Mumbai Shocker: बॉम्बे IIT के छात्र ने हॉस्टल की बिल्डिंग के 10वें फ्लोर से छलांग लगाकर की आत्महत्या, कॉलेज में मचा हड़कंप
युवा छात्रों की आत्महत्या की कई घटनाएं कुछ वर्षों में सामने आई है. ज्यादातर पढ़ाई के दबाव के चलते इस तरह का खौफनाक कदम उठाते है. ऐसी ही एक घटना मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे से सामने आई है.
मुंबई, महाराष्ट्र: युवा छात्रों की आत्महत्या की कई घटनाएं कुछ वर्षों में सामने आई है. ज्यादातर पढ़ाई के दबाव के चलते इस तरह का खौफनाक कदम उठाते है. ऐसी ही एक घटना मुंबई के पवई स्थित आईआईटी बॉम्बे से सामने आई है. जहांपर मेटा साइंस के एक दिल्ली के छात्र ने हॉस्टल की बिल्डिंग के 10वें फ्लोर से कूदकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है की छात्र शुक्रवार को आधी रात के करीब उठाया. कूदने के बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया. लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. मृतक छात्र का नाम रोहित सिन्हा बताया जा रहा है. इस घटना के बाद कॉलेज में हड़कंप और गम का माहौल है.
पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और दुसरे छात्रों से पूछताछ की जा रही है. ये भी पढ़े:Mumbai Student Commits Suicide: मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित अंतरराष्ट्रीय स्कूल में छात्रा ने आत्महत्या की
मेटा साइंस में अंतिम वर्ष का छात्र था रोहित
जानकारी के मुताबिक़ रोहित सिन्हा, जो आईआईटी बॉम्बे में मेटा साइंस विभाग का अंतिम वर्ष का छात्र था, कुछ समय से मानसिक दबाव में था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह निराशा और अवसाद से जूझ रहा था, लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
हॉस्टल की छत से छलांग लगाई
शुक्रवार रात को रोहित ने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस को सूचना मिलते ही उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी.शुरुआती रिपोर्ट में आत्महत्या की आशंका जताई गई है.
नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट या व्यक्तिगत बयान नहीं मिला है. ऐसे में आत्महत्या के पीछे की असली वजह जानने के लिए रोहित का मोबाइल फोन, लैपटॉप और कमरे में मौजूद दस्तावेजों की जांच की जा रही है. साथ ही, हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों से पूछताछ की जा रही है.
सीसीटीवी और फोरेंसिक जांच जारी
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि घटना की पुष्टि की जा सके. इसके साथ ही, फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि किसी भी अन्य कारण या साजिश की संभावना से इनकार न किया जा सके.
आईआईटी प्रशासन ने जताया दुख
घटना के बाद आईआईटी प्रशासन ने गहरा शोक व्यक्त किया है और रोहित के परिजनों को सूचित कर दिया गया है.यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि शैक्षणिक दबाव और प्रतिस्पर्धा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गहरा असर डालती है. आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं और यह ज़रूरी है कि संस्थान मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करें.