Gold Locker Rule: बैंक लॉकर में कितना सोना रख सकते हैं? जानिए RBI के नियम
Bank Locker Rules For Gold

Gold Locker: भारत में सोना सिर्फ एक कीमती धातु नहीं, बल्कि यह हमारी परंपरा, संस्कृति और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. हर भारतीय परिवार में सोने का विशेष महत्व होता है - चाहे वह शादी-ब्याह का अवसर हो, कोई त्योहार या फिर धार्मिक समारोह हो. सोना न केवल शोभा बढ़ाता है, बल्कि इसे भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश भी माना जाता है. हालांकि, अक्सर चोरी, गुम हो जाने या आकस्मिक नुकसान की घटनाओं के कारण लोगों के मन में अपने सोने की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है.

ऐसे में बैंक लॉकर एक बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प साबित होता है, जहाँ आप अपने गहनों को पूरी सुरक्षा के साथ रख सकते हैं. बैंक लॉकर में रखे गए गहनों को चोरी या नुकसान का खतरा नहीं होता और जब भी आवश्यकता हो, उन्हें आसानी से निकाला जा सकता है. इसके लिए बैंक एक मामूली शुल्क लेकर आपकी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता है. इसलिए, अगर आप अपने सोने की सुरक्षा को लेकर निश्चिंत रहना चाहते हैं, तो बैंक लॉकर का उपयोग करना एक समझदारी भरा कदम है.

घर में कितना सोना रख सकते हैं?

आयकर विभाग (Income Tax Department) के नियमों के अनुसार, घर में सोना रखने की एक निश्चित सीमा तय की गई है, जो व्यक्ति की वैवाहिक स्थिति पर निर्भर करती है. विवाहित महिला अधिकतम 500 ग्राम (लगभग 50 तोला) तक सोना रख सकती हैं, जबकि अविवाहित महिला के लिए यह सीमा 250 ग्राम (लगभग 25 तोला) निर्धारित की गई है. वहीं, पुरुषों के लिए घर में 100 ग्राम तक सोना रखने की अनुमति है.

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी परिवार में एक विवाहित पुरुष और एक विवाहित महिला हैं, तो दोनों मिलकर कुल 600 ग्राम सोना घर में रख सकते हैं.

यह भी ध्यान देने योग्य है कि यदि आयकर विभाग के जांच अधिकारी आपके घर में सोना पाते हैं, तो इस निर्धारित सीमा तक का सोना जब्त नहीं किया जाएगा. बशर्ते, वह सोना पारिवारिक या पारंपरिक संपत्ति के रूप में हो और उसके स्रोत पर संदेह न हो. यानी, अगर आपके पास अपने गहनों की उचित जानकारी और प्रमाण है, तो आपको किसी तरह की कार्रवाई का डर नहीं होना चाहिए.

बैंक लॉकर में सोना रखने के नियम

अगर आप अपने कीमती गहनों को चोरी, गुम होने या किसी अन्य जोखिम से बचाना चाहते हैं, तो बैंक लॉकर एक बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, बैंक लॉकर में रखे जाने वाले सोने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है. यानी, ग्राहक अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार जितना चाहें सोना लॉकर में रख सकते हैं.

हर बैंक की अपनी अलग नीति होती है, जिसके तहत लॉकर का आकार, वार्षिक किराया (Locker Rent) और अन्य शर्तें तय की जाती हैं. लॉकर के किराए का निर्धारण उसके साइज और लोकेशन पर निर्भर करता है - जैसे मेट्रो सिटी, टियर-2 या टियर-3 शहरों में अलग-अलग शुल्क लागू होते हैं.

हालांकि, बैंक लॉकर में सोना रखने से पहले यह जरूरी है कि आपके पास गहनों की खरीद का प्रमाण (बिल या चालान) हो. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है, कि लॉकर में रखा गया सोना वैध रूप से खरीदा गया है. यह दस्तावेज भविष्य में किसी विवाद या जांच की स्थिति में आपके लिए प्रमाण के रूप में काम आते हैं.

बैंक लॉकर सेवा के लिए आपको हर साल एक निश्चित शुल्क देना पड़ता है. इसके बदले बैंक आपकी जमा संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाता है और गहनों को चोरी, आग या अन्य नुकसान से बचाने का पूरा ध्यान रखता है. इस तरह, बैंक लॉकर न केवल आपके गहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि आपको मानसिक शांति भी प्रदान करता है.

लॉकर से जुड़े नए नियम

दिवाली के बाद बैंकिंग सिस्टम में लॉकर से जुड़े नए नियम लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य सुरक्षा को और मजबूत बनाना तथा भविष्य में होने वाले कानूनी विवादों को रोकना है. अब बैंक लॉकर धारक (Locker Holder) को बैंक में एक ‘प्राथमिकता सूची’ (Priority List) जमा करनी होगी. इस सूची में स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि लॉकर धारक की मृत्यु के बाद लॉकर खोलने का अधिकार किस व्यक्ति को मिलेगा.

इस प्राथमिकता सूची में जिस व्यक्ति का नाम सबसे पहले दर्ज होगा, उसे ही पहले लॉकर खोलने का अधिकार दिया जाएगा. यदि वह व्यक्ति किसी कारणवश उपलब्ध नहीं है, तो सूची में दूसरे क्रम पर दर्ज व्यक्ति को लॉकर खोलने की अनुमति मिलेगी. इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लॉकर से जुड़ी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच कोई विवाद न हो.

पहले ऐसा अक्सर देखने को मिलता था कि लॉकर धारक की मृत्यु के बाद परिवार में यह विवाद खड़ा हो जाता था कि लॉकर कौन खोलेगा और उसमें रखी वस्तुओं पर किसका अधिकार होगा. लेकिन अब बैंक इस नई व्यवस्था के तहत पहले से दर्ज प्राथमिकता सूची के अनुसार कार्रवाई करेगा, जिससे किसी तरह की कानूनी या पारिवारिक जटिलता नहीं रहेगी.

कुल मिलाकर, अगर आप अपने गहनों और सोने की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो बैंक लॉकर एक बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है. वहीं, घर में सोना रखते समय आयकर विभाग द्वारा तय की गई सीमा का पालन करना भी जरूरी है. सुरक्षा और कानूनी नियमों की जानकारी रखकर आप अपने कीमती निवेश को निश्चिंत होकर सुरक्षित रख सकते हैं.