Religious Harmony: बारिश के कारण हिंदू परिवार की शादी रुकी तो मुस्लिम पड़ोसी ने की मदद, अपने मंडप में करवाई पूरी, पुणे में इंसानियत की मिसाल कायम (Watch Video)
पुणे में एक ऐसा नजारा दिखाई दिया. जिसके कारण अब लगने लगा है. देश में भाईचारा अब भी मौजूद है. यहां पर एक हिंदू शादी बारिश के कारण स्थगित होनेवाली थी. लेकिन मुस्लिम समाज के रिसेप्शन में ये शादी संपन्न हुई.
पुणे,महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसने मानवता और धार्मिक सौहार्द की मिसाल पेश की है.जब भारी बारिश के कारण एक हिंदू विवाह समारोह रुक गया, तब पास ही चल रहे मुस्लिम विवाह समारोह के परिवार ने अपना मंडप और स्थल साझा कर विवाह सम्पन्न कराया. यह दृश्य भारत की विविधता में एकता को साक्षात रूप में दिखाने वाला बन गया. जहां एक और देश में हिंदू मुस्लिम के बीच खाईं बनती नजर आ रही है और आएं दिन हिंदू मुस्लिम को लेकर मंच से विवाद बयान दिए जाते है. इस कारण इस तरह की इंसानियत की मिसाल पेश करना बड़ी बात है.
इस रिपोर्ट और वीडियो को इंस्टाग्राम पर The Free Press Journal नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Madhya Pradesh के सागर में मुस्लिमों ने की हिंदू व्यक्ति के अंतिम संस्कार में मदद, देखें VIDEO
हिंदू मुस्लिम शादी एक ही मंच पर
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बारिश ने बिगाड़ी शादी
घटना वानवडी क्षेत्र की है, जहां संकृति कवाडे और नरेंद्र गलांडे का विवाह शाम 6:56 बजे SRPF के पास स्थित अलंकरण लॉन्स में होना था. सारी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन अचानक आई तेज बारिश ने मंडप और सजावट को पूरी तरह खराब कर दिया. मेहमान भागकर छत की ओर दौड़े, और आयोजक चिंतित हो उठे कि क्या अब विवाह रद्द करना पड़ेगा.
पास ही चल रहा था मुस्लिम विवाह समारोह
इसी दौरान, फारूक काज़ी के बेटे मोसिन और बहू माहीन का वालीमा समारोह पास के एक बंद हॉल में चल रहा था. जब कवाडे परिवार ने मदद की गुहार लगाई, तो काज़ी परिवार ने बिना एक पल गंवाए मंडप और स्थान का उपयोग करने की अनुमति दे दी.
एक मंच पर दो धर्म के लोग
कवाडे और काज़ी दोनों परिवारों ने मिलकर जल्दी से सजावट दोबारा की, और पहले हिंदू विवाह हुआ, फिर उसी स्थल पर मुस्लिम समारोह. दोनों ही रस्में खुशी-खुशी और सौहार्द के साथ सम्पन्न हुईं.
परिजनों ने क्या कहां?
दुल्हन के पिता चेतन कवाडे ने कहा 'मांगने की जरूरत ही नहीं पड़ी. हमें लग रहा था कि महीनों की तैयारी एक पल में खत्म हो जाएगी, लेकिन काज़ी परिवार की मदद से ये पल हमारी जिंदगी का सबसे यादगार क्षण बन गया. तो वही काजी ने कहा कि ,'उस लड़की को मैंने अपनी बेटी की तरह देखा, और मदद करना इंसानियत का फर्ज समझा. धर्म से पहले इंसानियत आती है.
साझा भोजन, साझा जश्न
विवाह के बाद दोनों परिवारों ने सामूहिक भोजन किया, जिसमें सभी मेहमानों ने धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर भाग लिया. दोनों नवविवाहित जोड़े एक ही मंच पर आए . यह दृश्य लोगों की आंखों में खुशी के आंसू ले आया.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2025 03:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

