Himanta Biswa Sarma Oath: असम के अनुभवी राजनेता डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने आज एक बार फिर राज्य की कमान संभाल ली है. गुवाहाटी में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्होंने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई. इस अवसर पर सरमा के साथ चार अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिससे राज्य में नई कैबिनेट के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. समारोह में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे.
मंत्रिमंडल का विस्तार और नई टीम
मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद सरमा ने अपनी नई टीम के साथ काम शुरू करने के संकेत दिए हैं. उनके साथ शपथ लेने वाले चार नए मंत्रियों को राज्य के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाने की उम्मीद है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार कैबिनेट के विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन और प्रशासनिक अनुभव को प्राथमिकता दी गई है. नई टीम का मुख्य लक्ष्य राज्य के विकास एजेंडे को गति देना और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को समय पर पूरा करना होगा. यह भी पढ़े: Tamil Nadu CM Vijay Oath: विजय ने शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र के दिशानिर्देशों का किया पालन; राष्ट्रगान से पहले हुआ ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन; VIDEOS
सरमा लगातार दूसरी बने सीएम
#WATCH गुवाहाटी: भाजपा के हिमंत बिस्वा सरमा ने खानापारा के वेटरनरी कॉलेज मैदान में लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। pic.twitter.com/8mXa5VlRmX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2026
दूसरे कार्यकाल की बड़ी चुनौतियाँ
हिमंता बिस्वा सरमा के दूसरे कार्यकाल की राह उतनी आसान नहीं है. उनके सामने राज्य की कई पुरानी समस्याओं का समाधान निकालने की बड़ी चुनौती होगी. इनमें प्रमुख हैं:
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बाढ़ नियंत्रण: हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ से राज्य को स्थायी राहत दिलाना.
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रोजगार सृजन: युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना.
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सीमा विवाद: पड़ोसी राज्यों के साथ चल रहे सीमा विवादों का शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान निकालना.
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आर्थिक विकास: स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना.
राजनीतिक महत्व और भाजपा की पकड़
सरमा का दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत में भाजपा की मजबूत होती पकड़ का प्रमाण है. उनके पिछले कार्यकाल को विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सराहा गया था. यही कारण है कि जनता ने एक बार फिर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है. भाजपा सरकार का लक्ष्य अब 'विकसित असम' के संकल्प को धरातल पर उतारना है.
भविष्य का रोडमैप
शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार का पूरा ध्यान अब लंबित विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर होगा. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में नई कैबिनेट कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेगी. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े सुधारों के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में भी विशेष पहल की जा सकती है. असम के लोगों के लिए एक स्थिर और मजबूत सरकार का यह संकल्प आने वाले वर्षों में राज्य की प्रगति की दिशा तय करेगा. (एजेंसी)













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