शिमला: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे को ठप कर दिया है. चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर स्थित एक टोल प्लाजा पूरी तरह ब्यास नदी के उफान में डूब गया, जिसके कारण सैकड़ों गाड़ियां ट्रक से लेकर यात्री वाहन तीसरे दिन भी फंसे रहे. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के इंजीनियर अशोक चौहान के अनुसार ब्यास नदी के तेज बहाव ने कुल्लू और मनाली के बीच कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया है. 200 मीटर से ज्यादा लंबा सड़क का हिस्सा पूरी तरह बह गया है. बणाला क्षेत्र में हुए बड़े भूस्खलन के चलते हाईवे बंद करना पड़ा. वहीं आसपास के ढाबे, दुकानें और रेस्टोरेंट बाढ़ के पानी में बह गए.
ग्रामीणों का कहना है कि क्लाउडबर्स्ट और अचानक पानी का बढ़ना उनके लिए जीवन का संकट बन गया है. कई परिवार ऊंचे इलाकों में शरण लेने को मजबूर हैं. पीने के पानी की किल्लत और व्यापार ठप होने से हालात और बिगड़ गए हैं.
एक स्थानीय किसान ने बताया, “यह सेब का मौसम है, लेकिन खराब मौसम के कारण हमारी फसलें बर्बाद हो रही हैं. अगर यह स्थिति जारी रही तो हमें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.”
सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया
Dear @nitin_gadkari. Please see Beas River is going through the Raison Toll Plaza near Manali in Himachal Pradesh without paying any use fee. This is unacceptable. Please intiate action against Beas River under Section 152 of BNS for sedation. pic.twitter.com/4ptUY62W03
— Vivek Mukherji (@Bagheera_70) August 27, 2025
पर्यटन और ढांचे पर असर
मनाली के कई होटल और रिसॉर्ट नदी के किनारे बसे हुए हैं, जिनमें से कुछ ढहने की कगार पर हैं. कई पुल और संपर्क मार्ग टूट चुके हैं, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया है. पर्यटकों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
लगातार बरसात से बढ़ा संकट
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. 20 जून से अब तक राज्य में 158 लोगों की जान जा चुकी है और 38 लोग लापता बताए जा रहे हैं. सोमवार शाम से मंगलवार तक ही राज्य में 12 अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), दो बड़े भूस्खलन और एक क्लाउडबर्स्ट दर्ज किए गए. इनमें सबसे ज्यादा घटनाएँ लाहौल-स्पीति, कुल्लू और कांगड़ा जिलों से आईं.













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