देश

Delhi Air Pollution: दिल्ली NCR में फिर लागू हुआ GRAP 3, जानें किन कार्यों पर रहेगी पाबंदी

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक हो गई है. केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज 3 के प्रतिबंधों को लागू करने का निर्णय लिया.

Delhi Air Pollution: दिल्ली NCR में फिर लागू हुआ GRAP 3, जानें किन कार्यों पर रहेगी पाबंदी
Air Pollution | PTI

नई दिल्ली: दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर चिंताजनक हो गई है. केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज 3 के प्रतिबंधों को लागू करने का निर्णय लिया. यह कदम तब उठाया गया जब दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 371 तक पहुंच गया. भारतीय मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के अनुसार, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है.

शुक्रवार को दिल्ली का AQI 371 पर दर्ज हुआ, जो "बहुत खराब" श्रेणी में आता है. पिछले सप्ताह बारिश के कारण प्रदूषण स्तर में थोड़ी गिरावट आई थी, और तब AQI 324 था. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि यदि AQI 350 से ऊपर जाता है, तो GRAP का स्टेज 3 और 400 से ऊपर जाने पर स्टेज 4 के उपाय लागू किए जाएं.

GRAP स्टेज 3 के तहत क्या-क्या होता है?

स्टेज 3 उपाय "गंभीर" वायु गुणवत्ता श्रेणी के लिए बनाए गए हैं और इनमें निम्नलिखित प्रतिबंध शामिल हैं:

  • निर्माण कार्य पर रोक: केवल आवश्यक परियोजनाओं, जैसे रेलवे, मेट्रो और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े निर्माण कार्य की अनुमति है.
  • धूल नियंत्रण: सड़कों पर पानी का छिड़काव और धूल रोकने के अन्य उपाय अनिवार्य हैं.
  • वाहनों पर सख्ती: प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर विशेष ध्यान दिया जाता है और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जाता है. दिल्ली और आसपास के एनसीआर जिलों में बीएस-तीन पेट्रोल और बीएस-चार डीजल कारों (4-पहिया वाहन) का इस्तेमाल प्रतिबंधित है.
  • जनरेटर बैन: डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता है, सिवाय आपातकालीन सेवाओं के.

जीआरएपी स्टेज तीन के तहत निजी क्षेत्र में गैर-आवश्यक निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगाया जाता है. इसके साथ ही पांचवीं तक की कक्षाएं ‘हाइब्रिड’ (ऑनलाइन तथा ऑफलाइन) तरीके में चलाना आवश्यक है. माता-पिता और छात्रों के पास जहां भी उपलब्ध हो, ऑनलाइन शिक्षा चुनने का विकल्प है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2025 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).