ईंधन आपूर्ति पर सरकार का बड़ा बयान: एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक पर्याप्त; पैनिक बुकिंग और अफवाहों से बचने की सलाह

केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की कमी की अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. सरकार ने नागरिकों से पैनिक बाइंग न करने और वैकल्पिक ईंधन के उपयोग पर विचार करने का आग्रह किया है.

पेट्रोल, डीज़ल की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: देश में ईंधन की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार, 25 मार्च को स्पष्ट किया है कि एलपीजी (LPG), पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. एक आधिकारिक बयान में सरकार ने नागरिकों को 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) से बचने की सलाह देते हुए कहा है कि किसी भी एलपीजी वितरक या पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म होने की सूचना नहीं है. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों (Domestic LPG cylinders) की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है और कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है. यह भी पढ़ें: LPG Booking Rules: क्या बदल गए रसोई गैस बुकिंग के नियम? सरकार ने रिपोर्टों को बताया 'भ्रामक', रिफिल मानदंडों पर दी बड़ी सफाई

रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर, स्टॉक पर्याप्त

अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बताया गया कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी के उत्पादन में वृद्धि की गई है। सरकार ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और वितरकों के पास व्यक्तिगत रूप से जाने से बचें.

वैकल्पिक ईंधन और ऊर्जा संरक्षण पर जोर

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्वीकार किया कि मौजूदा भू-राजनीतिक (Geopolitical) स्थितियों के कारण एलपीजी की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसके समाधान के रूप में, नागरिकों को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप्स जैसे वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है. मंत्रालय ने दैनिक जीवन में ऊर्जा संरक्षण की भी अपील की है.

अफवाहों और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई

देश के कुछ हिस्सों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई, जिसे सरकार ने 'अनावश्यक' बताया है. कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं.

PNG और CNG को प्राथमिकता

सरकार ने खाना पकाने के लिए घरेलू पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की है. ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति उनकी औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत पर बनी हुई है. आईजीएल (IGL), एमजीएल (MGL) और गेल (GAIL) जैसी कंपनियां नए पीएनजी कनेक्शन के लिए विशेष प्रोत्साहन भी दे रही हैं. इसके अतिरिक्त, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है.

सरकार ने जनता से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करने का अनुरोध किया है.

 

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