होरमुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर गोलीबारी
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले से पीछे हटते हुए उस रास्ते से गुजर रहे एक टैंकर पर गोलीबारी की और अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहने तक आवाजाही रोकने की चेतावनी दी.
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के फैसले से पीछे हटते हुए उस रास्ते से गुजर रहे एक टैंकर पर गोलीबारी की और अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहने तक आवाजाही रोकने की चेतावनी दी.ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के अपने फैसले से पीछे हटते हुए शनिवार को इस अहम समुद्री रास्ते से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर गोलीबारी की. इसके साथ ही तेहरान ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अपने नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म नहीं करता, तब तक वह जलडमरूमध्य से आवाजाही रोकता रहेगा.
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में पहले से चल रहे ऊर्जा संकट को और गहराने का खतरा बढ़ा दिया है. साथ ही इससे ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा टकराव की आशंकाएं भी तेज हो गई हैं. हालांकि मध्यस्थ देशों का कहना है कि दोनों पक्ष किसी नए समझौते के करीब पहुंच रहे हैं.
फिर पहले जैसी स्थिति में होर्मुज
ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि जलडमरूमध्य पर नियंत्रण एक बार फिर पहले जैसी स्थिति में आ गया है और यह अब सशस्त्र बलों की कड़ी निगरानी और नियंत्रण में है. यह बयान ऐसे वक्त में आया जब तेहरान ने एक दिन पहले वाणिज्यिक जहाजों के लिए जलमार्ग खोले जाने की घोषणा की थी.
ब्रिटेन की सेना से जुड़े यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस केंद्र ने बताया कि ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की दो तेज रफ्तार नौकाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर गोलियां चलाईं. केंद्र के अनुसार, टैंकर और उसके चालक दल सुरक्षित हैं. जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली साइट टैंकर ट्रैकर्स डॉट कॉम ने बताया कि गोलीबारी के बाद कई जहाजों को जलडमरूमध्य से वापस लौटना पड़ा, जिनमें भारतीय ध्वज वाला एक सुपर टैंकर भी शामिल है.
शनिवार का यह घटनाक्रम अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी रहेगी, जब तक कि तेहरान अमेरिका के साथ ऐसा समझौता नहीं करता, जिसमें उसका परमाणु कार्यक्रम भी शामिल हो. इसके बावजूद ईरान ने शुक्रवार को सीमित रूप से जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की घोषणा की थी.
दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. ऐसे में इस मार्ग पर किसी भी तरह की नई रुकावट से तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है और कीमतों में फिर उछाल आ सकता है. ईरान की ओर से जलमार्ग खोले जाने की शुक्रवार की घोषणा ऐसे समय आई थी जब इस्राएल और ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ था.
डील के करीब हैं दोनों पक्षः पाकिस्तान
हालांकि तनाव बढ़ने के बावजूद पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है और 22 अप्रैल को तय संघर्षविराम की समयसीमा से पहले किसी समझौते की संभावना बनी हुई है. तुर्किये के उपराष्ट्रपति जेवदेत यिलमाज ने भी कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जटिल है और इसमें समय लगेगा, लेकिन उन्हें भरोसा है कि वार्ता जारी रहेगी. उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त नौवहन किसी व्यापक समझौते के बाद ही संभव होगा.
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी के बाद से अब तक 23 जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से वापस लौटने पर मजबूर किया गया है. अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने एक्स पर कहा कि अमेरिकी बल ईरानी तटवर्ती क्षेत्रों में प्रवेश करने या वहां से निकलने वाले जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रहे हैं.
आर्थिक जगत की चिंता बढ़ी
इस बीच ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि ओमान के उत्तर पूर्व में एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जिससे जहाज के कुछ कंटेनरों को नुकसान पहुंचा. यह शनिवार को रिपोर्ट किया गया दूसरा हमला था.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला मोजतबा खमेनेई ने भी सख्त लहजे में कहा कि ईरान की नौसेना अपने दुश्मनों को नई करारी शिकस्त देने के लिए तैयार है. उन्होंने सेना की स्थापना की वर्षगांठ पर जारी संदेश में ईरान युद्ध के दौरान इस्राएल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन हमलों का भी जिक्र किया.
जहाज ट्रैकिंग एजेंसियों के अनुसार, ईरान की गोलीबारी के बाद दो भारतीय जहाजों को भी होर्मुज जलडमरूमध्य में अपना रास्ता बदलना पड़ा. इनमें से एक टैंकर में इराकी तेल के लगभग 20 लाख बैरल लदे होने की जानकारी दी गई है.
ईरान ने यह भी साफ किया है कि केवल वही वाणिज्यिक जहाज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं जिन्हें रिवोल्यूशनरी गार्ड की मंजूरी प्राप्त हो. ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि जहाजों को निर्धारित शुल्क अदा करना होगा और तय किए गए मार्ग का पालन करना अनिवार्य होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हालांकि ईरान की ओर से किसी भी तरह के शुल्क या टोल लगाए जाने के विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि न तो पाबंदियां होंगी और न ही टोल की कोई व्यवस्था स्वीकार की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 18, 2026 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

