Pune Porsche Accident Case: पुणे पोर्श एक्सीडेंट मामले में आरोपी के पिता को जमानत मिलने पर जश्न मनाते दिखे, VIDEO वायरल होने पर लोग भड़के
पुणे पोर्श कार हादसे (Pune Porsche Crash Case) के मुख्य आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद परिवार के साथ जश्न मनाते हुए नजर आ रहे हैं, जिस पर इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा भड़क उठा है
Pune Porsche Accident Case: पुणे के बहुचर्चित पोर्श कार हादसे के मुख्य आरोपी नाबालिग के पिता विशाल अग्रवाल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में विशाल अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने की खुशी में अपने परिवार और दोस्तों के साथ जमकर जश्न मनाते हुए देखा जा सकता है. दो युवा इंजीनियरों की जान लेने वाले इस गंभीर हादसे के बाद आरोपी परिवार द्वारा इस तरह सरेआम जश्न मनाए जाने पर इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग सोशल मीडिया पर इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बता रहे हैं.
नोटों की माला पहनकर किया डांस
वायरल हो रहे इस वीडियो में बैकग्राउंड में बॉलीवुड का प्रसिद्ध गाना "बंबई से आया मेरा दोस्त..." बजता सुनाई दे रहा है, जो किसी स्थानीय रेस्तरां का प्रतीत होता है. वीडियो में विशाल अग्रवाल अपने गले में फूलों और करंसी नोटों की माला पहने हुए अपनी पत्नी और बेटे के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं. लाइव बैंड की धुन पर उनका बेटा और एक अन्य व्यक्ति उन्हें कंधों पर उठाते दिख रहे हैं. हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है. यह भी पढ़े: Pune Porsche Accident Case: पुणे कार दुर्घटना में विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए 12 से अधिक टीम गठित
जमानत के बाद जश्न का वीडियो
#Watch | Pune Porsche Case: Internet Furious After Video Of Accused’s Family Celebrating Bail Victory Goes Viral pic.twitter.com/DqRToIf6Kx
— NDTV (@ndtv) May 27, 2026
क्यों गिरफ्तार हुए थे आरोपी के माता-पिता?
रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल और उनकी पत्नी को पुणे पुलिस ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को शराब के नशे के प्रभाव से बचाने के लिए ससून अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर ब्लड सैंपल बदलवाए थे. इसके अलावा विशाल अग्रवाल पर अपने पारिवारिक ड्राइवर को डराने-धमकाने और हादसे की जिम्मेदारी अपने सिर लेने के लिए मजबूर करने का भी आरोप लगा था.
सुप्रीम कोर्ट ने इन शर्तों पर दी है जमानत
जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भूयान की पीठ ने विशाल अग्रवाल को जमानत देने का आदेश जारी किया था. शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पिछले 22 महीनों से जेल में बंद है और इस आधार पर वह जमानत का हकदार है. हालांकि, कोर्ट ने कड़ी शर्त रखते हुए विशाल अग्रवाल को इस मामले के किसी भी गवाह से संपर्क करने या उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत रद्द की जा सकती है.
क्या था पूरा मामला?
यह दुखद घटना 19 मई 2024 को पुणे के कल्याणी नगर इलाके में हुई थी. वहां एक नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर शराब के नशे में अपनी तेज रफ्तार पोर्श कार से मोटरसाइकिल सवार दो आईटी इंजीनियरों—अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा को कुचल दिया था, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी. घटना के महज 15 घंटे के भीतर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने आरोपी किशोर को 300 शब्दों का निबंध लिखने और यातायात पुलिस के साथ 15 दिन काम करने जैसी बेहद आसान शर्तों पर जमानत दे दी थी. इस फैसले के बाद देशव्यापी आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद मामले में सख्त कानूनी कदम उठाए गए थे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 27, 2026 01:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

