Post 20,000 Giveaway Message: इंडिया पोस्ट के नाम पर 20,000 रुपये देने का दावा फर्जी, सरकार ने सोशल मीडिया पोस्ट को बताया फेक

सोशल मीडिया पर इंडिया पोस्ट के नाम से एक संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें 20,000 रुपये का उपहार देने का दावा किया गया है. पीआईबी (PIB) ने इस दावे की जांच कर इसे पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी वाला बताया है.

Photo- @IndiaPostOffice/X

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय डाक (India Post) के नाम से एक संदिग्ध मैसेज वायरल हो रहा है. इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि इंडिया पोस्ट अपनी वर्षगांठ के अवसर पर सर्वे में भाग लेने वाले भाग्यशाली विजेताओं को 20,000 रुपये का नकद उपहार दे रहा है. केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल पोस्ट का संज्ञान लेते हुए इसे पूरी तरह से फर्जी करार दिया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इंडिया पोस्ट द्वारा ऐसी किसी भी योजना या गिवअवे की घोषणा नहीं की गई है.

पीआईबी फैक्ट चेक ने किया खुलासा

पीआईबी की फैक्ट चेक इकाई ने इस दावे की बारीकी से जांच की. जांच में पाया गया कि वायरल मैसेज में दिया गया लिंक किसी आधिकारिक सरकारी वेबसाइट का नहीं है. पीआईबी ने ट्वीट कर लोगों को आगाह किया है कि यह एक ऑनलाइन स्कैम है जिसका उद्देश्य यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण चुराना हो सकता है. सरकार ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही इसे आगे साझा करें.

धोखाधड़ी का तरीका

इस फर्जी पोस्ट में एक सर्वे लिंक दिया गया है. जैसे ही कोई यूजर इस पर क्लिक करता है, उसे कुछ आसान सवालों के जवाब देने को कहा जाता है. इसके बाद विजेता घोषित कर पैसे प्राप्त करने के नाम पर व्यक्तिगत डेटा मांगा जाता है. साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह 'फिशिंग' का एक हिस्सा है जिसमें सरकारी संस्थानों के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता है.

आधिकारिक स्रोतों पर ही करें भरोसा

इंडिया पोस्ट ने भी समय-समय पर अपने ग्राहकों को इस तरह के साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया है. विभाग का कहना है कि किसी भी आधिकारिक योजना, सब्सिडी या उपहार की जानकारी केवल इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट (www.indiapost.gov.in) पर ही उपलब्ध कराई जाती है. भारतीय डाक कभी भी कॉल, ईमेल या सोशल मीडिया के माध्यम से ओटीपी (OTP) या किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता के लिए सर्वे नहीं मांगता है.

साइबर सुरक्षा के लिए क्या करें?

साइबर अपराध से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी लुभावने ऑफर वाले मैसेज की सत्यता की जांच जरूर करें. यदि आप किसी ऐसे फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें. इसके अलावा, आधिकारिक सरकारी योजनाओं की पुष्टि के लिए संबंधित मंत्रालय के सोशल मीडिया हैंडल या पीआईबी फैक्ट चेक की वेबसाइट पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

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