New Electricity Connection: ऊर्जा विभाग (UPPCL) ने 10 सितंबर को जारी आदेश में यह बदलाव लागू कर दिया है.इसके तहत अब हर नए कनेक्शन (Electricity Connection) के साथ 6,061 रूपए का प्रीपेड मीटर (Prepaid Meter) शुल्क अनिवार्य कर दिया गया है. पहले सामान्य मीटर सहित नया कनेक्शन सिर्फ 1,032 रूपए में मिल जाता था, लेकिन अब उपभोक्ताओं को छह गुना ज्यादा राशि चुकानी होगी.राज्य उपभोक्ता परिषद (State Consumer Council) ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है.
परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा कि यह आदेश बिना नियामक आयोग की मंजूरी के लागू किया गया है, जो नियमों के खिलाफ है. परिषद ने इसे उपभोक्ताओं पर अनुचित वित्तीय बोझ बताया है.ये भी पढ़े:Electricity Bill Hike in UP: महंगाई की मार! उत्तर प्रदेश में बिजली हुई महंगी, जून में 4.27 फीसदी बढ़कर आएगा बिल
गरीब उपभोक्ता परेशान
ऊर्जा विभाग (UPPCL) के नए आदेश के बाद अब तक लगभग 1.74 लाख लोगों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया है. इनमें से केवल 56 हजार उपभोक्ताओं को ही कनेक्शन मिल पाया, जबकि करीब 37 हजार उपभोक्ता बढ़ा हुआ शुल्क भरने में असमर्थ रहे. कई हजार आवेदन अब भी लंबित हैं या रद्द कर दिए गए हैं.उपभोक्ता परिषद ने इस शुल्क को स्मार्ट मीटर के नाम पर अवैध वसूली बताया है.उनका कहना है कि इससे सरकार की छवि पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्वाचन क्षेत्रों में भी उपभोक्ता इस बढ़े हुए शुल्क से परेशान हैं.
दिवाली से पहले राहत की उम्मीद
राज्यभर में इस फैसले को लेकर नाराजगी का माहौल है.उपभोक्ताओं (Consumers) को उम्मीद है कि सरकार दिवाली से पहले इस महंगे फरमान पर कोई राहत भरा निर्णय ले सकती है. फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार जनता की जेब पर पड़ रहे इस बोझ को कम करने के लिए कदम उठाएगी या नहीं.













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