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Farmers Protest: प्रदर्शनकारी किसानों के आराम के लिए लाई गई फूट मसाजर, देखें तस्वीरें

किसानों का आंदोलन (Farmers Protest 2020) दिल्ली सिंघू बॉर्डर पर शुक्रवार को 16वें दिन भी जारी रहा. सरकार और किसान नेताओं के बीच कई बार बैठक तो हुई लेकिन सहमित नहीं बन पाई है. किसान संगठनों के नेता तीनों नये कृषि कानूनों (Farm laws) को निरस्त करवाने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. इस दौरान सिंधु सीमा पर आंदोलन में शामिल किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. कई संगठन के लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक इसी कड़ी में किसानों के पैरों के आराम के लिए खास मशीनों को इंतजाम किया गया है. किसानों के पैरों को आराम देंने के लिए सिख परोपकारी संगठन ‘खालसा एड’द्वारा इसकी व्यवस्था की गई है.

Farmers Protest: प्रदर्शनकारी किसानों के आराम के लिए लाई गई फूट मसाजर, देखें तस्वीरें
किसानों के लिए लगा फूट मसाजर ( फोटो क्रेडिट- ANI)

नई दिल्ली:- किसानों का आंदोलन (Farmers Protest 2020) दिल्ली सिंघू बॉर्डर पर शुक्रवार को 16वें दिन भी जारी रहा. सरकार और किसान नेताओं के बीच कई बार बैठक तो हुई लेकिन सहमित नहीं बन पाई है. किसान संगठनों के नेता तीनों नये कृषि कानूनों (Farm laws) को निरस्त करवाने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. इस दौरान सिंधु सीमा पर आंदोलन में शामिल किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. कई संगठन के लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक इसी कड़ी में किसानों के पैरों के आराम के लिए खास मशीनों को इंतजाम किया गया है. किसानों के पैरों को आराम देंने के लिए सिख परोपकारी संगठन ‘खालसा एड’द्वारा इसकी व्यवस्था की गई है.

आंदोलन में शामिल बड़ी संख्या में किसान फुट मसाजर के जरिए किसानों को पैरों की मालिश करवाने आते हैं. इन तस्वीरों में भी इसे देखा जा सकता है. कैसे किसान जो आंदोलन में शामिल हुए हैं. वे अपने पैरों का मसाज करा रहे हैं. Farmers Protest: बैठक के बाद किसान नेताओं का बड़ा ऐलान, कल दिल्ली-जयपुर रोड़ करेंगे जाम, पहले से तेज होगा और आंदोलन.

फूट मसाज कराते किसान

वहीं, खालसा एड, इंडस्ट्रीज़ प्रबंध निदेशक अमरप्रीत ने एएनआई को बताया कि सिंघू सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए खालसा एड ने 25 फुट बड़े लोगों को लगाया है. इस पहल में, हम बुजुर्ग किसानों को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि वे बहुत लंबे समय से यहां हैं और थक गए होंगे.

ANI का ट्वीट:- 

गौरतलब हो कि बुराड़ी, सिंघु और टीकरी बॉर्डर के साथ यूपी गेट पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए अब लंगर सेवा शुरू की गई है. यही नहीं, आंदोलन में अधिकांश प्रदर्शनकारी बुजुर्ग हैं, इसलिए इन वाशिंग मशीनों की व्यवस्था की गई है. इसके साथ ठंड में सोने लिए बिस्तर और समय पर नश्ता से लेकर चाय तक हर चीजों पर ध्यान दिया जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2020 10:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).