लाल किले के पास धमाका: 8 की मौत, कई घायल; दिल्ली समेत देशभर में हाई अलर्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

दिल्ली में 10 नवंबर की शाम लाल किले के पास हुए धमाके में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है और कई घायल हुए हैं. धमाके के बाद देश के कई राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.सोमवार शाम दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. घटना शाम 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर हुई, जहां एक कार में विस्फोट के बाद कई वाहन आग की चपेट में आ गए. यह इलाका पुरानी दिल्ली का बेहद भीड़भाड़ वाला हिस्सा है, जो चांदनी चौक और जामा मस्जिद के करीब स्थित है.

धमाके में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 20 लोग घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को तुरंत लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया. चश्मदीदों के मुताबिक, एक धीमी गति से चल रही कार लाल बत्ती पर रुकी थी, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ.

दिल्ली पुलिस ने मामले में यूएपीए की धाराओं 16 और 18, विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है. शुरुआती जांच में कार का रजिस्ट्रेशन हरियाणा का पाया गया, जो कई बार ट्रांसफर होने के बाद जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी से जुड़ा है.

गृह मंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक

इस बीच गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, दिल्ली पुलिस आयुक्त और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक मौजूद रहे. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए.

इससे पहले अमित शाह ने कहा कि धमाके की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और अभी यह कहना मुश्किल है कि घटना का कारण क्या था. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विस्फोट स्थल से मिले नमूनों का विश्लेषण फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) द्वारा नहीं हो जाता, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है.

गृह मंत्री ने कहा है कि फिलहाल वह किसी भी आशंका से इनकार नहीं कर रहे हैं, और हर कोण से जांच की जा रही है.

राजधानी हाई अलर्ट पर, सुरक्षा कड़ी

धमाके के बाद दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. दिल्ली धमाके के बाद कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. लाल किला को 13 नवंबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने हालात की समीक्षा की है, जबकि अमेरिका, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने घटना पर चिंता जताई है.

हालिया ऑपरेशन और दिल्ली में धमाका

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था. इस नेटवर्क से करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर बरामद किए गए थे. मॉड्यूल में कश्मीरी मूल के डॉक्टरों की संलिप्तता सामने आई थी.

पिछले 14 वर्षों से भारत के बड़े शहरों में आतंकी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी. 2011 में दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुए धमाके के बाद से राजधानी में कोई बड़ा हमला नहीं हुआ था. मुंबई में 26/11 हमले के बाद देश की शहरी सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए थे. लेकिन 10 नवंबर की घटना ने फिर से सुरक्षा रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए है.

जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की संख्या 4,500 से घटकर 100 के करीब रह गई है, लेकिन फंडिंग, कट्टरपंथ और साइबर भर्ती जैसे सपोर्ट नेटवर्क को खत्म करना बड़ी चुनौती है. शिक्षित लोगों की संलिप्तता इस खतरे को और जटिल बना रही है.

अमेरिका-यूके ने जारी की एडवाइजरी

इस बीच ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया पर पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई और अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा, "अगर आप उस इलाके में हैं, तो स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें." इसी बीच ब्रिटिश मिशन ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी एडवाइजरी भी जारी की है.

अमेरिकी दूतावास ने भी सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए कहा कि धमाके के कारणों की जानकारी फिलहाल नहीं है, लेकिन भारत सरकार ने कई राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा है. दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है.