EPFO 3.0: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा; 50% निकासी की सीमा और तेज क्लेम सेटलमेंट जैसी मिलेंगी सुविधाएं
ईपीएफओ (Photo Credits: X/@airnewsalerts)

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees' Provident Fund Organisation) यानी ईपीएफओ (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए भविष्य निधि (Provident Fund) यानी पीएफ (PF) निकासी की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. 'EPFO 3.0' ढांचे के तहत, अब सदस्य एटीएम (ATM) कार्ड और यूपीआई (UPI) के माध्यम से सीधे अपने पीएफ बचत से पैसे निकाल सकेंगे. मध्य-2026 तक पूरी तरह से लागू होने वाले इस नए सिस्टम का लक्ष्य कागजी कार्रवाई को कम करना और फंड तक पहुंच को सरल बनाना है. यह भी पढ़ें: EPFO PF Withdrawal Rules 2026: अब पीएफ फंड से पैसा निकालना हुआ और भी आसान, जानें नए नियम

एटीएम और यूपीआई के जरिए आसान पहुंच

प्रस्तावित प्रणाली के तहत, ईपीएफओ पीएफ खातों से सीधे जुड़े समर्पित एटीएम कार्ड जारी करने की योजना बना रहा है. इससे अंशधारक ईपीएफओ कार्यालयों या बैंकों के चक्कर लगाए बिना तत्काल नकद निकाल सकेंगे. इसके अतिरिक्त, यूपीआई के साथ एकीकरण से सदस्य मोबाइल-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना बैलेंस चेक कर पाएंगे और निकासी शुरू कर सकेंगे.

निकासी की सीमा और सुरक्षा शर्तें

पहुंच को आसान बनाने के साथ-साथ भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, ईपीएफओ एटीएम और यूपीआई चैनलों के माध्यम से निकासी पर एक कैप (सीमा) लगा सकता है.

पात्रता के लिए अनिवार्य शर्तें

नई सेवाओं का लाभ केवल वे सदस्य उठा पाएंगे जो विशिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं:

  • सक्रिय यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होना अनिवार्य है.
  • पीएफ खाते से आधार, पैन (PAN) और बैंक खाता लिंक होना चाहिए.
  • मोबाइल नंबर पंजीकृत होना चाहिए और केवाईसी (KYC) सत्यापन पूरा होना चाहिए.

तेज क्लेम सेटलमेंट और अन्य विशेषताएं

EPFO 3.0 ढांचे में दक्षता बढ़ाने और प्रोसेसिंग समय को कम करने के लिए कई अन्य सुधार भी शामिल किए गए हैं:

  • त्वरित संवितरण के लिए दावों का ऑटो-सेटलमेंट (Auto-settlement) किया जाएगा.
  • ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक किया गया है.
  • बैंक खातों में फंड का तेजी से ट्रांसफर सुनिश्चित किया जाएगा.
  • अंशदान को सुव्यवस्थित करने के लिए 30 से अधिक बैंकों के साथ एकीकरण किया जा रहा है.

यह पहल भारत के सेवानिवृत्ति बचत बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी और ग्राहकों को वास्तविक समय (real-time) में वित्तीय पहुंच प्राप्त होगी.