EPFO Big Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए आने वाले दिन बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं. केंद्र सरकार ईपीएफओ के ढांचे में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में सुधार करना और फंड तक पहुंच को आसान बनाना है. इन सुधारों के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने और एटीएम (ATM) के जरिए पीएफ निकासी जैसी सुविधाएं देने का प्रस्ताव है.
न्यूनतम पेंशन में भारी बढ़ोतरी की संभावना
कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव वर्तमान में समीक्षा के अधीन है. श्रमिक संगठनों और संसदीय पैनल की सिफारिशों के बाद, मौजूदा ₹1,000 की पेंशन को सीधे ₹7,500 तक किया जा सकता है. इस फैसले से देश के लाखों पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से इस वृद्धि की मांग कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इस पर अंतिम मुहर जल्द लग सकती है. यह भी पढ़े: EPFO 3.0: अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे पीएफ का पैसा, ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़कर हुई ₹5 लाख
अब ATM से निकाल सकेंगे पैसा और मिलेगी 8.25% ब्याज दर
ईपीएफओ एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एटीएम आधारित निकासी (ATM-based withdrawals) शुरू करने की योजना बना रहा है. इस सुविधा के आने के बाद सदस्यों को अपने पीएफ फंड तक पहुंचने के लिए जटिल प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा. इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफओ 8.25% की ब्याज दर बरकरार रख सकता है. वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही ब्याज की राशि सब्सक्राइबर्स के खातों में जमा कर दी जाएगी.
क्लेम सेटलमेंट में बनी नई मिसाल
ईपीएफओ ने दावों के निपटान (Claim Settlement) के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है. वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 8.31 करोड़ दावों का निपटान किया गया, जो पिछले वर्ष के 6.01 करोड़ के मुकाबले काफी अधिक है. इसमें से 5.51 करोड़ दावे एडवांस या आंशिक निकासी से संबंधित थे. ऑटोमेशन के कारण अब लगभग 71.11% एडवांस क्लेम केवल तीन दिनों के भीतर निपटाए जा रहे हैं, जिससे सदस्यों को इमरजेंसी में तुरंत पैसा मिल पा रहा है.
डिजिटल सुधार और 'ई-प्राप्ति' (E-PRAAPTI) पोर्टल
प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए ईपीएफओ ने कई डिजिटल पहल की हैं. नियोक्ता की मंजूरी के बिना ही 1.59 करोड़ खातों को बैंकों से जोड़ा गया है. साथ ही, नया 'ई-प्राप्ति' पोर्टल लॉन्च किया गया है, जो आधार-आधारित पहुंच के जरिए निष्क्रिय पीएफ खातों को सक्रिय करने में मदद करेगा. यह उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिनका यूएएन (UAN) लिंक नहीं है या जिनके पास मेंबर आईडी नहीं है.
क्या होगा सब्सक्राइबर्स पर असर?
इन बदलावों का सीधा उद्देश्य ईपीएफओ सेवाओं को अधिक पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है. अप्रैल 2026 में ही ईपीएफओ ने 61.03 लाख दावों का निपटान किया, जिनमें से 98.70% दावों को 20 दिनों के भीतर पूरा कर लिया गया. बेहतर सर्विस डिलीवरी और वित्तीय सुरक्षा की दिशा में ये कदम कर्मचारियों के भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाएंगे.











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