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दुलारचंद यादव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: गोली नहीं, फेफड़ा फटने और पसलियां टूटने से हुई थी मौत

दुलारचंद यादव मर्डर केस की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनकी मौत गोली लगने से नहीं हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें ज़ोरदार धक्का दिया गया, जिससे गिरने पर उनकी पसलियां टूट गईं और फेफड़ा फट गया, जो मौत का कारण बना. पुलिस जांच में यह हमला सुनियोजित (pre-planned) पाया गया है और इस मामले में अनंत सिंह समेत 5 लोगों पर FIR दर्ज है.

दुलारचंद यादव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: गोली नहीं, फेफड़ा फटने और पसलियां टूटने से हुई थी मौत
दुलारचंद यादव मर्डर केस की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनकी मौत गोली लगने से नहीं हुई थी. (Photo : X)

बिहार के चर्चित दुलारचंद यादव मर्डर केस में एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है. दुलारचंद यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है, जिसने मौत की वजह को लेकर सारा सस्पेंस खत्म कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई थी.

तो फिर मौत कैसे हुई?

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को 3 डॉक्टरों की एक टीम ने तैयार किया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दुलारचंद की मौत फेफड़ा फटने (Lungs Rupture) और कार्डियाक अरेस्ट की वजह से हुई.

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा लगता है कि उन्हें पीछे से किसी भारी चीज़ से ज़ोरदार धक्का दिया गया. इस धक्के से वह बुरी तरह ज़मीन पर गिरे, जिससे उनके सीने की कई पसलियां (रिब्स) टूट गईं. टूटी हुई पसलियों ने फेफड़े को गंभीर नुकसान पहुँचाया, जिससे फेफड़ा फट गया और बाद में उन्हें कार्डियाक अरेस्ट आ गया.

यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अब इस केस की जांच कर रहे अफ़सर (IO) को सौंप दी गई है.

जांच में अब तक क्या मिला?

यह मामला बहुत गंभीर हो गया है, इसलिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने भी बिहार के डीजीपी से इस पर पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है.

पुलिस भी तेज़ी से जांच कर रही है.

  • पुलिस ने इस घटना से जुड़े 100 से ज़्यादा वायरल वीडियो की जांच की है.
  • इन वीडियो में कहीं भी मुख्य आरोपी अनंत सिंह नज़र नहीं आए हैं.
  • हालांकि, एक तस्वीर में अनंत सिंह का भतीजा राजवीर ज़रूर दिखाई दिया है.
  • पुलिस ने इस मामले में जिन 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, वे सभी अनंत सिंह के समर्थक बताए जा रहे हैं.

क्या यह हमला पहले से प्लान किया गया था?

पुलिस की जांच एक और बड़ी बात की तरफ इशारा कर रही है. मोकामा पुलिस को पता चला है कि पथराव के लिए जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था, वे उस 'टाल' इलाके के आम पत्थर नहीं हैं.

ये 'बोल्डर' किस्म के बड़े पत्थर हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि इन्हें गाड़ियों में भरकर बाहर से लाया गया था. इससे यह शक पक्का हो रहा है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी पूरी प्लानिंग पहले से की गई थी. हमलावरों को शायद पहले से पता था कि दुलारचंद यादव जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी के लिए प्रचार करने वहां आने वाले हैं.

क्या है पूरा मामला?

आपको याद दिला दें कि यह घटना 30 अक्टूबर, गुरुवार को हुई थी. दुलारचंद यादव पटना ज़िले के मोकामा में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के पक्ष में प्रचार करने गए थे. तभी घोसवारी के पास उनके काफिले पर हमला हो गया.

पहले खबर आई थी कि उनके साथ मारपीट की गई और फिर उन्हें गोली मार दी गई. दुलारचंद यादव के पोते की शिकायत पर पुलिस ने JDU प्रत्याशी अनंत सिंह समेत 5 लोगों पर FIR दर्ज की है. इनमें अनंत सिंह के अलावा उनके दो भतीजे रणवीर सिंह, कर्मवीर और दो करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह शामिल हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 01, 2025 10:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).