Lucknow: तीन साल के मासूम के सिर और कंधे से निकाली लोहे की रॉड, डॉक्टर अंकुर बजाज ने किया असंभव को संभव
Dr Ankur Bajaj Holding Iron Rod | X/ @venom1s

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) के दिन हुई एक दर्दनाक घटना ने सभी को हिला दिया. लेकिन किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और मेहनत से इसे एक चमत्कारिक सफलता में बदल दिया. कार्तिक (Kartik) नाम का 3 साल का बच्चा खेलते-खेलते छत से गिर गया. इस हादसे में एक लोहे की रॉड उसके सिर और कंधे को भेदते हुए आर-पार निकल गई. बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया.

कार्तिक के माता-पिता पहले एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां ऑपरेशन के लिए 15 लाख रुपये की मांग की गई. मजबूर होकर परिवार KGMU आया. यहां न केवल डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए सहमति दी, बल्कि महज 25 हजार रुपये में यह जटिल सर्जरी पूरी की.

6 घंटे लंबा ऑपरेशन, हर कदम पर खतरा

डॉ. अंकुर बजाज (Ankur Bajaj) और उनकी टीम ने यह ऑपरेशन किया. सबसे बड़ी चुनौती थी बच्चे को सही पोजिशन में रखना क्योंकि रॉड शरीर में फंसी हुई थी. रॉड को काटना और बाहर निकालना बिना किसी अतिरिक्त चोट के बेहद जोखिम भरा काम था. यह सर्जरी करीब 6 घंटे तक चली, जिसमें न्यूरोसर्जन और ट्रॉमा स्पेशलिस्ट शामिल रहे.

डॉ. अंकुर बजाज ने 3 साल के बच्चे के सिर से लोहे की रॉड निकाली

दिलचस्प बात यह रही कि ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे डॉ. अंकुर बजाज की अपनी मां भी उसी वक्त KGMU में इलाज के लिए भर्ती थीं. बावजूद इसके उन्होंने अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता दी और मासूम की जान बचाने में जुटे रहे.

पिता ने डॉक्टरों को बताया भगवान

ऑपरेशन सफल होने के बाद कार्तिक को पेडियाट्रिक ICU में रखा गया है. उसकी स्थिति अब स्थिर है और धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. कार्तिक के पिता ने भावुक होकर कहा, “KGMU हमारे लिए मंदिर है और यहां के डॉक्टर भगवान.”