Devkrishna Purohit Murder Case: धार जिले के राजोद थाना अंतर्गत गोंडीखेड़ा चारण गांव में 7 अप्रैल की रात 32 वर्षीय देवकृष्ण पुरोहित की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है. शुरुआत में इस घटना को लूटपाट का मामला मानकर जांच शुरू की गई थी, लेकिन पड़ताल में चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. पुलिस के अनुसार, देवकृष्ण की हत्या उनकी पत्नी प्रियंका पुरोहित (Priyanka Purohit) ने अपने प्रेमी कमलेश पुरोहित के साथ मिलकर करवाई थी. घटना को अंजाम देने के लिए एक लाख रुपये में सुपारी किलर सुरेंद्र भाटी को काम पर रखा गया था.
पति को 'काला' कहकर अपमानित करने का आरोप
देवकृष्ण की बहन ज्योति पुरोहित ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शादी के बाद से ही प्रियंका का व्यवहार देवकृष्ण के प्रति अच्छा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका अक्सर अपने पति के रंग को लेकर उनका अपमान करती थी और उन्हें "काला" कहकर नीचा दिखाती थी। परिवार के अनुसार, प्रियंका और कमलेश का संबंध कई वर्षों से था और परिवार की आपत्तियों के बावजूद वह उससे मिलती रही। देवकृष्ण की मां का भी दावा है कि बहू के इस व्यवहार के कारण घर में हमेशा तनाव बना रहता था।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
जांच में सामने आया है कि 7 अप्रैल की रात करीब 1 बजे आरोपी घर में दाखिल हुए. उन्होंने देवकृष्ण पर हमला किया और लूटपाट की घटना जैसा दिखाने के लिए करीब 3 लाख रुपये के कीमती सामान भी चुरा लिए। पुलिस ने जब वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों की जांच की, तो उन्हें बयानों में विसंगतियां मिलीं। कड़ी पूछताछ के बाद प्रियंका और कमलेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता पत्नी प्रियंका और प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है। मामले का तीसरा आरोपी और कथित सुपारी किलर सुरेंद्र भाटी अभी फरार है. राजोद पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है ताकि मामले के सभी दोषियों को सजा दिलाई जा सके। इस मामले ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि परिवार और समाज के रिश्तों पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.













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