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दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला, दिल्ली हिंसा की सुनवाई में पुलिस को लगाई थी फटकार

पिछले कुछ दिनों में देश की राजधानी में हुई हिंसा में अब तक 28 लोगों की मौत हो गई है. वहीं मामला दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंच गया है. जिसकी सुनवाई के दौरान जस्टिस एस मुरलीधर (Justice S Murlidhar ) ने पुलिस को फटकार लगाई थी. वहीं खबर आ रही है कि जस्टिस एस मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब (Punjab and Haryana High Court) और हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया है. राष्ट्रपति भवन से जस्टिस एस मुरलीधर के तबादले की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. नोटिफिकेशन में जस्टिस मुरलीधर को पंजाब ऐंड हरियाणा हाई कोर्ट में बतौर जज पद संभालने का आदेश दिया है. विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया. जस्टिस एस मुरलीधर दिल्ली हाई कोर्ट के तीसरे वरिष्ठ जज हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला, दिल्ली हिंसा की सुनवाई में पुलिस को लगाई थी फटकार
जस्टिस एस मुरलीधर (Photo Credits: Facebook/Sharad Nirala)

नई दिल्ली:- पिछले कुछ दिनों में देश की राजधानी में हुई हिंसा में अब तक 28 लोगों की मौत हो गई है. वहीं मामला दिल्ली हाई कोर्ट में पहुंच गया है. जिसकी सुनवाई के दौरान जस्टिस एस. मुरलीधर (Justice S Murlidhar ) ने पुलिस को फटकार लगाई थी. वहीं खबर आ रही है कि जस्टिस एस. मुरलीधर का तबादला दिल्ली हाईकोर्ट से पंजाब (Punjab and Haryana High Court) और हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया गया है. राष्ट्रपति भवन से जस्टिस एस मुरलीधर के तबादले की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. नोटिफिकेशन में जस्टिस मुरलीधर को पंजाब ऐंड हरियाणा हाई कोर्ट में बतौर जज पद संभालने का आदेश दिया है. विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया. जस्टिस एस. मुरलीधर दिल्ली हाई कोर्ट के तीसरे वरिष्ठ जज हैं.

बता दें कि कॉलेजियम ने कुछ दिन पहले ही उनके स्थानांतरण की सिफारिश की थी. जस्टिस मुरलीधर दिल्ली हिंसा मामले की सुनवाई कर रहे थे और यह अधिसूचना ऐसे दिन जारी की गई जब उनकी अगुवाई वाली पीठ ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर तीन बीजेपी नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर नाराजगी जताई थी. इस दौरान कोर्ट में बीजेपी नेताओं का वीडियो देखा गया था. हाई कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि दिल्ली में दूसरे '1984' को नहीं होने देंगे. यह भी पढ़ें:- दिल्ली हिंसा: अब तक 28 लोगों की मौत, हाईकोर्ट में आज सुनवाई; भड़काऊ बयानों पर पुलिस देगी जवाब .

गौरतलब हो कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर और गोकुलपुरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के समर्थक व विरोधियों के बीच तनाव बढ़ने के बाद हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें एक पुलिसकर्मी व खुफिया ब्यूरो (IB) के कर्मचारी सहित 28 नागरिकों की मौत हो चुकी है. याचिकाकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने तीन बीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करते हुए याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि तीन प्रमुख राजनेताओं द्वारा भड़काऊ भाषण दिए जाने के बाद हिंसा हुई है. ( इनपुट IANS)

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2020 09:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).