Delhi Air Pollution: दिल्ली की हवा फिर 'बेहद खराब', आने वाले दिनों में भी नहीं मिलेगी राहत
दिल्ली और एनसीआर एक बार फिर घने स्मॉग की चादर में लिपटे दिखाई दे रहे हैं. दो दिनों की मामूली सुधार के बाद राजधानी की हवा की गुणवत्ता फिर से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है.
दिल्ली और एनसीआर एक बार फिर घने स्मॉग की चादर में लिपटे दिखाई दे रहे हैं. दो दिनों की मामूली सुधार के बाद राजधानी की हवा की गुणवत्ता फिर से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है. गुरुवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 278 दर्ज किया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद यह बढ़कर 311 पहुंच गया, जो लोगों के लिए गंभीर चिंता की बात है. बुधवार को AQI 202 दर्ज किया गया था, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है.
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अगले 6 दिनों तक हवा में कोई सुधार नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 6 दिनों तक दिल्ली की हवा में किसी खास सुधार की उम्मीद नहीं है. हवा में सबसे ज्यादा हानिकारक PM2.5 कण मौजूद हैं, जो सीधे फेफड़ों और रक्त प्रवाह को प्रभावित करते हैं.
नोएडा, गुरुग्राम में कैसे हैं हालात?
नोएडा और गुरुग्राम जैसे दिल्ली से सटे शहरों में प्रदूषण की स्थिति भले ही राजधानी से थोड़ी बेहतर दिख रही हो, लेकिन हालात अभी भी चिंता का कारण बने हुए हैं. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार नोएडा में AQI 257, ग्रेटर नोएडा में 228, गाजियाबाद में 266 और फरीदाबाद में 218 दर्ज किया गया है. गुरुग्राम की हवा भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है.
सभी शहरों में एयर क्वालिटी अभी भी इतनी खराब है कि लंबे समय तक इस प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने पर अधिकांश लोगों को सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. हवा में मौजूद खतरनाक कण लगातार लोगों की सेहत पर असर डाल रहे हैं, ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
हवा की रफ्तार पर निर्भर सुधार
मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा की गति 15 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कुछ राहत की उम्मीद है. लेकिन रात में हवा की गति फिर 10 किमी/घंटा से कम होने की आशंका है, जिससे प्रदूषक हवा में और ज्यादा ठहर सकते हैं.
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय लोगों को बाहर कम निकलना चाहिए, खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा मरीज. वहीं सरकार को पराली, वाहन उत्सर्जन और निर्माण धूल पर और सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2025 09:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

