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Navi Mumbai Shocker: नवी मुंबई में फर्जी डॉक्टर का जानलेवा इलाज, PCOD से पीड़ित युवती को वॉर्ड बॉय ने लगाया गलत इंजेक्शन; मौत

नवी मुंबई के वाशी में एक 21 वर्षीय युवती की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक वॉर्ड बॉय ने डॉक्टर बनकर युवती को घर पर इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और जान चली गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

Navi Mumbai Shocker: नवी मुंबई में फर्जी डॉक्टर का जानलेवा इलाज, PCOD से पीड़ित युवती को वॉर्ड बॉय ने लगाया गलत इंजेक्शन; मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Image)

नवी मुंबई, 8 फरवरी 2026: महाराष्ट्र (Maharashtra) के वाशी (Vashi) इलाके में एक फर्जी डॉक्टर (Fake Doctor) की लापरवाही ने 21 साल की युवती की जान ले ली. एक निजी नर्सिंग होम (Private Nursing Homes) में वॉर्ड बॉय (Ward Boy) के तौर पर काम करने वाले शख्स ने डॉक्टर बनकर युवती को घर पर नस के जरिए (IV) इंजेक्शन दिए, जिसके कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई. वाशी पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 वर्षीय आरोपी संदेश यशवंत पाश्टे (Sandesh Yashwant Pashte) को गिरफ्तार कर लिया है. यह भी पढ़ें: Mumbai Shocker: मुंबई में स्कूल प्रबंधन की शर्मनाक करतूत, 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़, 20 दिनों तक मामले को दबाया; चपरासी गिरफ्तार, CEO फरार

क्या है पूरा मामला?

मृतक युवती की पहचान प्रचीति भीकुराम भुवड (Prachiti Bhikuram Bhuvad) के रूप में हुई है. प्रचीति पिछले कुछ समय से पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (Polycystic Ovary Disorder) (PCOD) से पीड़ित थी और उसने हाल ही में शारीरिक परेशानी की शिकायत की थी.

आरोपी संदेश पाश्टे, जो मुंबई के मानखुर्द का रहने वाला है, 5 फरवरी को वाशी के सेक्टर 11 स्थित प्रचीति के घर पहुंचा. उसने परिवार को विश्वास दिलाया कि वह प्रचीति का इलाज कर सकता है. बिना किसी योग्य डॉक्टर की सलाह या पर्चे के, उसने प्रचीति को 'एमेसेट' (Emeset) और 'डायनापार' (Dynapar) के इंजेक्शन सीधे नस में लगा दिए.

इंजेक्शन के तुरंत बाद बिगड़ी तबीयत

दवा शरीर में जाने के कुछ ही समय बाद प्रचीति की हालत तेजी से बिगड़ने लगी. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के लगाए गए इन इंजेक्शनों के रिएक्शन के कारण युवती की जान गई.

वॉर्ड बॉय ने ऐसे जीता परिवार का भरोसा

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पाश्टे परिवार के लिए अजनबी नहीं था. वह पहले भी परिवार के सदस्यों को छोटी-मोटी चिकित्सा सहायता दे चुका था, जिससे भुवड परिवार को लगा कि वह एक योग्य डॉक्टर है. असलियत में, वह अंधेरी स्थित एक निजी नर्सिंग होम में महज एक वॉर्ड बॉय के रूप में कार्यरत था.

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं

पीड़ित युवती के पिता, भीकुराम गोविंद भुवड की शिकायत पर वाशी पुलिस ने 6 फरवरी को मामला दर्ज किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है:

  • धारा 105: गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder).
  • धारा 319(1): पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करना (Cheating by Personation).

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या पाश्टे ने इलाके में अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह के अनधिकृत चिकित्सा उपचार किए हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत डॉक्टरों (Registered Medical Practitioners) से ही इलाज कराएं.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 08, 2026 11:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).