Cyclone Jawad Update: धीमी पड़ी चक्रवाती तूफान जवाद की चाल, मौसम विभाग ने की राहतभरी भविष्यवाणी, सेना-नौसेना अलर्ट पर
चक्रवात I प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान जवाद (Cyclonic Storm Jawad) आज (4 दिसंबर) उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में पहुंचने वाला है. इसके बाद, यह पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ेगा. चक्रवात अपने साथ भारी से बहुत भारी वर्षा भी लाएगा. जबकि ज्वार की लहरों के साथ 90-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है. जिसके मद्देनजर तटीय और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. Cyclone Jawad Live Tracker Map on Windy: बंगाल की खाड़ी से आ रहा चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ देगा दस्तक! यहां देखें हर पल की स्थिति

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना गहरे दबाव का क्षेत्र तेज होकर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है. यह आज सुबह साढे़ पांच बजे 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम से लगभग 230 किलोमीटर दूर दक्षिण पूर्व में, उड़ीसा के पुरी से लगभग 410 किलोमीटर दक्षिण दक्षिण-पश्चिम में और उड़ीसा के पारादीप से 490 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व के निकट बंगाल के पश्चिम मध्य में स्थित था. इससे पहले यह 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा था.

आईएमडी के अनुसार, चक्रवात जवाद के धीरे-धीरे कमजोर होने और अगले 12 घंटों के दौरान लगभग उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है और फिर ओडिशा तट के साथ उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर 5 दिसंबर दोपहर के आसपास पुरी के पास एक गहरे अवसाद (Deep Depression) के रूप में पहुंचने की संभावना है. यहां से यह और कमजोर होने के साथ उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर पश्चिम बंगाल तट पर पहुचेगा.

केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों को जानमाल के नुकसान की कोई गुंजाइश न रहे और संपत्ति को कम से कम नुकसान हो, इसके लिए सभी कदम उठाने के निर्देश दिए है. सरकार ने यह भी निर्देश दिया कि सभी मछुआरे और जहाज जो समुद्र में हैं, उनका संबंधित राज्यों को पता लगाना चाहिए, इसके लिए तटरक्षक बल और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी. राज्यों को कोविड-19 अस्पतालों का निर्बाध कामकाज सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय करने के लिए कहा गया है.

वहीं, एनडीआरएफ ने प्रभावित राज्यों में पर्याप्त संख्या में टीमों को तैनात किया है और अतिरिक्त टीमों को तैयार रखा गया है. सेना और नौसेना के बचाव और राहत दल जहाजों और विमानों के साथ आवश्यकतानुसार तैनाती के लिए तैयार हैं.