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COVID Infection: बच्चों में ज्यादा गंभीर हो सकते हैं कोविड के परिणाम- अध्ययन

कोविड संक्रमण वाले बच्चे बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ जैसे विशिष्ट लक्षण प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं, इसलिए ज्यादा जांच और सतर्कता की जरूरत होती है.

COVID Infection: बच्चों में ज्यादा गंभीर हो सकते हैं कोविड के परिणाम- अध्ययन
कोरोना का कहर (Photo Credits: PTI)

न्यूयॉर्क, 14 मई : कोविड संक्रमण (COVID Infection) वाले बच्चे बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ जैसे विशिष्ट लक्षण प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं, इसलिए ज्यादा जांच और सतर्कता की जरूरत होती है. बच्चों को कोविड की वजह से होने वाले नुकसान को लेकर शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है. अमेरिका के अलबामा विश्वविद्यालय के नेतृत्व में होने वाले इस शोध में बमिर्ंघम के शोधकर्ता भी शमिल थे. अध्ययन में पाया कि कोविड संक्रमण वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने, क्रिटिकल केयर और यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता पड़ सकती है. अध्ययन के लिए, टीम ने लगभग 12,000 बाल चिकित्सा कोविड रोगियों की पहचान की. टीम ने पाया कि सबसे आम लक्षणों में खांसी और सांस लेने में कठिनाई, मतली, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द और बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और स्वाद और गंध की गड़बड़ी जैसे गैर-विशिष्ट लक्षण शामिल थे.

कार्डियोवस्कुलर डिजीज के डिवीजन में क्लिनिकल रिसर्च फेलो विभु परचा ने कहा, "वयस्कों की तुलना में बच्चों में खराब दैनिक परिणामों की दर अपेक्षाकृत कम है, फिर भी 5-6 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है. अस्पताल में भर्ती होने वालों में से 18 प्रतिशत को गंभीर देखभाल की आवश्यकता होती है और 4 प्रतिशत को सांस लेने के लिए वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है." अध्ययन में स्वास्थ्य देखभाल में नस्लीय असमानताओं को भी दिखाया गया है जो कि अल्पसंख्यक आबादी वाले बच्चों के बीच अस्पताल में भर्ती होने के उच्च जोखिम से स्पष्ट है. यह निष्कर्ष नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्टूबर 2020 के एक दस्तावेज में बताया कि कोविड -19 वयस्कों की तुलना में बच्चों में बहुत कम है. बच्चों और किशोरों ने रिपोर्ट किए गए मामलों में से लगभग 8 प्रतिशत (और वैश्विक आबादी का 29 प्रतिशत) का प्रतिनिधित्व किया. यह भी पढ़ें : Delhi Police ने की IYC के अध्यक्ष Srinivas BV से पूछताछ, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर COVID-19 राहत प्रयासों को रोकने की कोशिश करने का लगाया आरोप

अध्ययन भारत में कोरोनावायरस की चल रही दूसरी और घातक लहर में कोविड -19 से संक्रमित कई बच्चों की स्थिति को प्रतिध्वनित करता है. हल्का बुखार, खांसी, सर्दी और पेट की समस्या जैसे लक्षणों के अलावा, कुछ ने शरीर में दर्द, सिरदर्द, दस्त और उल्टी की भी शिकायत की. 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी वायरस से संक्रमित थे. कुछ बच्चे मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) जैसी अधिक गंभीर जटिलताओं की भी रिपोर्ट कर रहे हैं. लगातार बुखार के साथ एक दुर्लभ सूजन की स्थिति हो रही है. यह आमतौर पर कोविड की शुरूआत के 2-4 सप्ताह के बाद होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को बाहर न निकलने दें और उन्हें वायरस के संपर्क में न लाएं.

(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2021 04:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).