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COVID-19: सीरम इंस्‍टीट्यूट की रीकॉम्बिनेंट बीसीजी वैक्‍सीन का ट्रायल शुरू

कोरोना संक्रमितों के बढ़ते मामलों के बीच लोगों के मन में वैक्‍सीन की आस दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. इसमें कोई शक नहीं कि बाकी देशों की तरह हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्‍सीन बनाने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं.

COVID-19: सीरम इंस्‍टीट्यूट की रीकॉम्बिनेंट बीसीजी वैक्‍सीन का ट्रायल शुरू
कोरोना वायरस का प्रकोप (Photo Credits: ANI)

कोरोना संक्रमितों के बढ़ते मामलों के बीच लोगों के मन में वैक्‍सीन की आस दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. इसमें कोई शक नहीं कि बाकी देशों की तरह हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्‍सीन बनाने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं. इस बीच एक अच्‍छी खबर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे से आयी है, जहां रीकॉम्बिनेंट बीसीजी वैक्‍सीन (recombinant BCG vaccine) है. आपको बता दें कि यह वैक्‍सीन कोविड -19 की वैक्‍सीन नहीं है, बल्कि इम्‍युनिटी बढ़ाने के लिए एक वैक्‍सीन है, जो कोरोना के संक्रमण से लड़ने में मदद करती है. सीरम इंस्‍टीट्यूट के प्रवक्‍ता ने खास बातचीत में बताया कि पुणे के रूबी हॉल, जहांगीर हॉस्‍प‍िटल, केईएम हॉस्पिटल समेत देश के 30 अस्‍पतालों व संस्‍थानों में रीकॉम्ब‍िनेंट बीसीजी का ह्यूमन ट्रायल किया जा रहा है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली इस वैक्‍सीन का ट्रायल जल्‍द पूरा होने की उम्मीद है. यह उसी बीसीजी वैक्‍सीन का दूसरा प्रारूप है, जो बीते कई वर्षों से बच्चों को टीकाकरण के दौरान दी जाती है.

4 संस्थानों के साथ शोध कर रहा सीरम इंस्‍टीट्यूट:

कोविड-19 की वैक्‍सीन की बात करें तो सीरम इंस्‍टीट्यूट इस वक्‍त 4 अंतर्राष्‍ट्रीय स्तर के संस्‍थानों के साथ काम कर रहा है. पहला संस्‍थान अमेरिका का कोडाजेनिक्स है. कोडाजेनिक्स के साथ मिलकर जो वैक्‍सीन सीरम ने तैयार की है, उसका जानवरों पर परीक्षण पूरा हो चुका है. सितंबर-अक्तूबर में इस वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू किया जाएगा. इस वैक्‍सीन के तैयार होने में लगभग एक से डेढ़ वर्ष तक लग सकता है.

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दूसरा संस्‍थान थेमिस बायोसाइंस जीएमबीएच, ऑस्‍ट्र‍िया है. थेमिस के साथ मिलकर सीरम इंस्‍टीट्यूट जिस वैक्‍सीन पर काम कर रहा है, उसके परीक्षण व शोध को पूरा होने में करीब 2 वर्ष लग सकते हैं. वहीं तीसरी कंपनी एस्ट्रा जेनिका है. यह यूके की वही कंपनी है, जिसने ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कोविड वैक्‍सीन को लेकर अनुबंध किया है. सीरम इंस्‍टीट्यूट ने एस्ट्रा जेनिका के साथ शोध को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. इस पर दोनों पक्ष विचार कर रहे हैं, कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही दोनों मिलकर कोविड की वैक्‍सीन पर काम शुरू कर देंगे.

एक और संस्‍थान है, जिसके नाम का खुलासा सीरम के प्रवक्ता ने नहीं किया. लेकिन उन्होंने कहा है कि जल्द ही इस संबंध में पूर्ण जानकारी दी जाएगी. उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा कोई और ट्रायल फिलहाल सीरम की ओर से नहीं कराया जा रहा है. पुणे के नाएडू अस्‍पताल में बीसीजी वैक्‍सीन के ह्यूमन ट्रायल पर सीरम ने साफ किया है कि इस ट्रायल से संस्‍थान का कोई लेना-देना नहीं है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 25, 2020 08:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).