प्राचीन मंदिर दिखा कर वृद्ध दंपत्ति की संपत्ति हड़पने की साजिश, फर्जी वसीयत बनाने वाले भूमाफिया पर हुई एफआईआर दर्ज
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भू माफियाओं पर कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है. इसी कड़ी में हापुड़ से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी कागजात तैयार कर भूमाफिया ने वृद्ध दंपत्ति की संपत्ति हड़पने की कोशिश की. न्यायालय के आदेश पर भूमाफियाओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
गाजियाबाद, 25 अगस्त : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भू माफियाओं पर कड़ा शिकंजा कसा जा रहा है. इसी कड़ी में हापुड़ से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां फर्जी कागजात तैयार कर भूमाफिया ने वृद्ध दंपत्ति की संपत्ति हड़पने की कोशिश की. न्यायालय के आदेश पर भूमाफियाओं और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
जानकारी के अनुसार, फ्री गंज रोड स्थित निदान अस्पताल के पास रहने वाले वृद्ध दंपत्ति अनिल कुमार बंसल और सुनीता बंसल की संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए फर्जी वसीयत तैयार की गई. आरोप है कि भूमाफिया नवनीत आर्य, विनय बंसल, प्रशांत बंसल और प्रियांक बंसल ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा. इन भूमाफियाओं ने वहां पर एक प्राचीन मंदिर दिखा कर उस पूरी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की. पीड़ित जब विरोध करने लगे तो उन्हें धमकाया गया और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई. यह भी पढ़ें : Bulandshahr Road Accident: बुलंदशहर हादसे में आठ की मौत, कई घायल; CM योगी ने किया आर्थिक मदद का ऐलान
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, आरोपियों ने अनिल कुमार बंसल के दादा बासीलाल के नाम से एक फर्जी, अपंजीकृत वसीयत तैयार की. इस कथित वसीयत में मृत व्यक्तियों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और इसे आधार बनाकर संपत्ति पर दावा ठोका गया. इतना ही नहीं, वृद्ध दंपत्ति को डराने के लिए उन पर झूठे मुकदमे भी दायर किए गए और फोन पर जान से मारने की धमकियां तक दी गईं. अनिल कुमार बंसल ने आरोप लगाया कि इस पूरे षड्यंत्र में नवनीत आर्य मुख्य भूमिका में है, जबकि विनय बंसल, प्रशांत बंसल और प्रियांक बंसल उसके सहयोगी हैं.
इन सभी पर न्यायालय के आदेश पर थाना हापुड़ नगर में बीएनएस की धारा 61(2), 352, 351(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 314 समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. पीड़ित ने बताया कि उन्होंने पहले थाना हापुड़ में रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने 12 अगस्त को पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र भेजा, मगर कार्रवाई नहीं हुई. अंततः उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया. फिलहाल पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वृद्ध दंपत्ति का कहना है कि उन्हें आरोपियों से अपनी जान-माल का खतरा है और इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2025 10:57 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

