सेना में महिलाओं को कॉम्बैट रोल देने पर बोले वेस्टर्न कमान चीफ आरपी सिंह-ऐसा करने के लिए अभी उचित समय नही, लगेगा कुछ और वक्त
सशस्त्र बलों में पुरुष और महिला कर्मियों की समानता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत सभी ने किया है. इसी बीच सेना ने पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह ने भी महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन पर शीर्ष अदालत के फैसले की तारीफ की है. इसके साथ उन्होंने कहा कि महिलाओं को लड़ाकू भूमिकाओं में शामिल करने के लिए अभी उचित समय नहीं है और इसके लिए अभी कुछ वक्त और लगेगा.
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नई दिल्ली. सशस्त्र बलों में पुरुष और महिला कर्मियों की समानता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत सभी ने किया है. इसी बीच सेना ने पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह (Lieutenant General RP Singh) ने भी महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन पर शीर्ष अदालत के फैसले की तारीफ की है. इसके साथ उन्होंने कहा कि महिलाओं को लड़ाकू भूमिकाओं में शामिल करने के लिए अभी उचित समय नहीं है और इसके लिए अभी कुछ वक्त और लगेगा.
ज्ञात हो कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने सोमवार को पुरुषों की तरह महिलाओं को सेना में 'कमांड पोस्ट' देने पर अहम फ़ैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले पर मुहर लगाते हुए कहा है कि महिलाएं भी पुरुषों की तरह सेना में कमांड पोस्ट संभाल सकती हैं. कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय सेना में अब महिलाएं पूर्णकालिक रूप से कर्नल या उससे ऊपर रैंक की पद पर काबिज हो सकती है. यह भी पढ़े-सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देना का दिया निर्देश, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया फैसले का स्वागत
ANI का ट्वीट-
Western Command Chief, Lieutenant General RP Singh: Indian Army is very big, which includes combat element, combat support elements & service elements. In selected areas, women officers are being given permanent commission. This is a matter of happiness. pic.twitter.com/74jg0FiVHH
— ANI (@ANI) February 18, 2020
गौरतलब है कि पिछले नवंबर महीने में तत्कालीन ,आर्मी चीफ प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि भारतीय सेना अभी भी महिलाओं को युद्धक भूमिकाओं में शामिल करने के लिए तैयार नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि कई अन्य क्षेत्र हैं, जहां सेना महिलाओं को शामिल करने पर विचार कर रही है, जिनमें सूचना और मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसे क्षेत्र का समावेश है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2020 09:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

