Chinese Manjha Banned in Haryana: हरियाणा में चाइनीज मांझे पर लगा बैन, उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर होगी कानूनी कार्रवाई
Chinese Manjha (Photo Credits: File Pic)

Chinese Manjha Banned in Haryana:  उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर अब हरियाणा सरकार ने भी 'चाइनीज मांझा' और अन्य सिंथेटिक पतंग के धागों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. राज्य सरकार ने यह फैसला इंसानों और पक्षियों के लिए घातक साबित हो रहे कांच की परत वाले नायलॉन या प्लास्टिक के धागों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लिया है. इस संबंध में पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है.

केवल सूती धागे से पतंग उड़ाने की अनुमति

नई नियमावली के अनुसार, हरियाणा के निवासियों को अब केवल पारंपरिक सूती धागे (Saddi) का उपयोग करके पतंग उड़ाने की अनुमति होगी. शर्त यह है कि यह धागा कांच, धातु के पाउडर या किसी भी धारदार पदार्थ से मुक्त होना चाहिए. नायलॉन या किसी भी सिंथेटिक सामग्री से बने धागे का भंडारण, खरीद और आयात अब अपराध की श्रेणी में आएगा. यह भी पढ़े: Chinese Manjha Ban: भोपाल में जानलेवा चायनीज मांजे पर लगा बैन, बेचना और खरीदना हुआ गैर क़ानूनी

छापेमारी और कानूनी कार्रवाई के निर्देश

राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को अवैध मांझा रखने वाले संदिग्ध दुकानों और गोदामों पर छापेमारी करने के अधिकार दिए हैं. स्थानीय पुलिस ने पहले ही बाजारों की निगरानी शुरू कर दी है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पर्यावरण संरक्षण कानूनों की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

क्यों खतरनाक है सिंथेटिक मांझा?

प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि 'चाइनीज मांझा' (जो नाम के बावजूद अक्सर घरेलू स्तर पर ही बनाया जाता है) कई कारणों से खतरनाक है:

  • विद्युत सुचालक: यह धागा बिजली का सुचालक होता है, जिससे बिजली के तारों के संपर्क में आने पर करंट लगने और बिजली कटौती का खतरा रहता है.

  • नॉन-बायोडिग्रेडेबल: यह धागा प्रकृति में नष्ट नहीं होता, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है.

  • जानलेवा धार: पिछले कुछ वर्षों में उत्तर इंडिया में कई दोपहिया वाहन चालकों के गले कटने और हजारों पक्षियों के पंख कटने की घटनाएं सामने आई हैं.

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों का पालन

हरियाणा सरकार का यह कदम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के उन आदेशों के अनुरूप है, जिसमें सिंथेटिक धागों के उपयोग को प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया था. दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पहले से ही ऐसे कड़े नियम लागू हैं.

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास प्रतिबंधित मांझे की बिक्री की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन को दें. साथ ही, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को सिंथेटिक धागे के खतरों के बारे में शिक्षित किया जा सके.