Chinese Manjha Accidents: देश भर में 14 जनवरी 2026 को मनाए जाने वाले मकर संक्रांति पर्व की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन 'चाइनीज मांझे' (सिंथेटिक और ग्लास-कोटेड धागा) के इस्तेमाल ने एक बार फिर त्योहार के उत्साह पर काले बादल छा दिए हैं. देशव्यापी प्रतिबंध के बावजूद इस जानलेवा धागे की अवैध बिक्री जारी है, जिससे पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में कई गंभीर दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज की गई हैं. प्रशासन ने इस 'किलर धागे' के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है और जनता से केवल सूती मांझे का उपयोग करने की अपील की है. यह भी पढ़े: Chinese Manjha: फ्रिज में छिपाकर बेच रहा था चाइनीज मांझा, पुलिस ने 10 किलो मांझा किया जब्त, जौनपुर में कार्रवाई से दूकानदारो में हड़कंप
इंदौर में मातम: एक की मौत, कई घायल
मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले कुछ दिनों में चाइनीज मांझे ने भारी तबाही मचाई है.
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प्रमुख घटना: रविवार, 11 जनवरी को 45 वर्षीय टाइल ठेकेदार रघुवीर धाकड़ की गला कटने से मौत हो गई. वह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी खजराना और बंगाली चौराहे के बीच वे पतंग के धागे की चपेट में आ गए.
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अन्य हादसे: इसी दिन इंदौर में नीट (NEET) के छात्र नरेंद्र जामोद और आशीष रघुवंशी भी गंभीर रूप से घायल हो गए.इसके अलावा, छिंदवाड़ा में एक व्यापारी को 43 टांके लगाने पड़े, जबकि रायपुर (छत्तीसगढ़) में एक महिला को 10 टांके आए.
हैदराबाद और अन्य शहरों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अवैध मांझे की बिक्री को रोकने के लिए पुलिस विभाग सख्त मोड में है.
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हैदराबाद: पुलिस ने जनवरी के पहले हफ्ते में विशेष अभियान चलाकर करीब 1.24 करोड़ रुपये मूल्य का 6,226 रील (बobbins) प्रतिबंधित मांझा जब्त किया और 143 लोगों को गिरफ्तार किया.
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सूरत: गुजरात में पुलिस ने बाइक सवारों की सुरक्षा के लिए 'यू-गार्ड' (U-guards) और 'नेक कॉलर' वितरित किए हैं. साथ ही, 14 और 15 जनवरी को प्रमुख फ्लाईओवर पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
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ड्रोन से निगरानी: अमृतसर और लुधियाना में पुलिस छतों पर मांझे के उपयोग की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा ले रही है.
आखिर क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?
पारंपरिक सूती धागे के विपरीत, चाइनीज मांझा नायलॉन, प्लास्टिक या सिंथेटिक धागे से बना होता है, जिस पर कांच के चूरे या धातु की कोटिंग की जाती है. इसकी मुख्य विशेषताएं इसे जानलेवा बनाती हैं:
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अत्यधिक मजबूती: यह आसानी से नहीं टूटता, जिससे फंसने पर यह ब्लेड की तरह त्वचा और मांसपेशियों को काट देता है.
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बिजली का सुचालक: धातु की कोटिंग के कारण बिजली की तारों के संपर्क में आने पर यह पतंग उड़ाने वाले को करंट का झटका दे सकता है.
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पक्षियों के लिए काल: हर साल हजारों पक्षी इसके जाल में फंसकर अपने पंख खो देते हैं या दम तोड़ देते हैं. हाल ही में सूरत में एक दुर्लभ 'सारस क्रेन' की भी इसी कारण मौत हो गई.
सुरक्षा के उपाय
प्रशासन ने लोगों को इस जानलेवा धागे से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है:
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हेलमेट और मफलर: बाइक सवार हमेशा फुल-फेस हेलमेट पहनें और गले को मफलर या मोटे कपड़े से ढंकें.
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सुरक्षित दूरी: व्यस्त सड़कों और बिजली की लाइनों के पास पतंग न उड़ाएं.
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कानूनी कार्रवाई: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित मांझा बेचने या इस्तेमाल करने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है.
नागरिकों से अपील
त्योहार खुशी और उमंग का प्रतीक है, न कि किसी की जान जोखिम में डालने का. प्रशासन की सख्ती के साथ-साथ यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे खतरनाक चाइनीज मांझे का पूरी तरह बहिष्कार करें.













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