Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: छत्रपति शिवाजी महाराज को पीएम मोदी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने दी श्रद्धांजलि, शौर्य और सुशासन के प्रतीक को देश ने किया नमन
मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्षी नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. नेताओं ने उन्हें 'स्वराज्य' के प्रणेता और न्यायपूर्ण शासन का प्रतीक बताया.
- Read in
- English
Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti 2026: मराठा साम्राज्य (Maratha Empire) के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती (Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti) पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है. गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को इस महान शासक की 396वीं जयंती (ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi), लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) सहित देश के दिग्गज नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की. नेताओं ने शिवाजी महाराज (Shivaji Maharaj) को वीरता, दूरदर्शिता और कुशल प्रशासन का अनुपम उदाहरण बताया. यह भी पढ़ें: Shiv Jayanti 2026 Marathi Wishes: छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के इन मराठी Quotes, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए दें अपनों को शुभकामनाएं
पीएम मोदी का संदेश: 'शिवाजी महाराज हमारे लिए पूजनीय आराध्य हैं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए महाराज को नमन किया. पीएम मोदी ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक नाम नहीं हैं, बल्कि वे हमारे लिए पूजनीय आराध्य हैं. उनका व्यक्तित्व अद्भुत था. उन्होंने न केवल 'स्वराज्य' की स्थापना की, बल्कि सुशासन को भी आत्मसात किया.'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. उनका साहस हमें प्रेरणा दे, उनका शासन हमारा मार्गदर्शन करे और उनके न्याय व स्वाभिमान की भावना हमारे समाज को मजबूत करे.
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शिवाजी महाराज को वीरता का पर्याय बताते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, 'वीरता के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर सादर नमन. शिवाजी महाराज बहादुरी, दूरदर्शिता और न्यायपूर्ण नेतृत्व के एक अनूठे प्रतीक हैं. उनका जीवन दर्शन और साहस हमें आज भी अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है.'
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें भारतीय इतिहास की प्रेरणा बताते हुए कहा, 'अद्भुत साहस और पराक्रम के पर्याय, मराठा साम्राज्य के संस्थापक और कुशल प्रशासक छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी जयंती पर नमन। सभी देशवासियों को शिव जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं.'
राहुल गांधी ने छत्रपति शिवाजी जयंती 2026 पर शुभकामनाएं दीं
शौर्य की प्रतिमूर्ति छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
शिवाजी महाराज वीरता, दूरदर्शिता और न्यायप्रिय नेतृत्व के अद्वितीय प्रतीक हैं।
उनका जीवन दर्शन और साहस हमें आज भी अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है। pic.twitter.com/P6hjY1KBE6
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 19, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी जयंती 2026 पर शुभकामनाएं दीं
छत्रपति शिवाजी महाराज ने जन-जन के कल्याण को सदैव सर्वोपरि रखा और उनकी सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। इसलिए उनका जीवन आज भी भारतवर्ष के लिए पथ-प्रदर्शक बना हुआ है।
गोपायितारं दातारं धर्मनित्यमतन्द्रितम्।
अकामद्वेषसंयुक्तमनुरज्यन्ति मानवाः।। pic.twitter.com/4yioRdkbdH
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2026
मल्लिकार्जुन खड़गे ने छत्रपति शिवाजी जयंती 2026 पर शुभकामनाएं दीं
महापराक्रमी शूरवीर योद्धा, अद्भुत साहस एवं शौर्य के पर्याय, मराठा साम्राज्य के संस्थापक, कुशल प्रशासक, भारतवर्ष के प्रेरणास्रोत, छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
आपण सर्वांस शिवजयंतीच्या हार्दिक शुभेच्छा। pic.twitter.com/TsFphoXG1O
— Mallikarjun Kharge (@kharge) February 19, 2026
शिव जयंती का महत्व और इतिहास
छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी, 1630 को पुणे के शिवनेरी किले में हुआ था. उन्हें भारत के सबसे प्रगतिशील और बहादुर शासकों में गिना जाता है. एक महान सैन्य रणनीतिकार के रूप में उन्होंने मुगलों के खिलाफ कई युद्ध जीते और अपनी नौसेना (Navy) को मजबूत किया, जिसके कारण उन्हें 'भारतीय नौसेना का जनक' भी कहा जाता है.
साल में दो बार मनाया जाता है उत्सव
उल्लेखनीय है कि शिवाजी महाराज की जयंती साल में दो बार मनाई जाती है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह हर साल 19 फरवरी को होती है, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार इसे फाल्गुन मास के तीसरे दिन (तृतीया) मनाया जाता है. महाराष्ट्र में इस दिन सार्वजनिक अवकाश होता है और इसे 'शिव जयंती' के रूप में बेहद गर्व और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 19, 2026 12:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

