Azam Khan Sentence: उत्तर प्रदेश के रामपुर की एक विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान को साल 2019 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जिला प्रशासन अधिकारी के खिलाफ भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में दोषी करार दिया है. अदालत ने इस अपराध के लिए आजम खान को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही उन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है.
चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला
अभियोजन पक्ष के वकील स्वदेश शर्मा के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2019 का है, जब देश में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू थी. इस दौरान आजम खान ने रामपुर के शहजाद नगर (धमोरा) क्षेत्र में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणियां की थीं. आचार संहिता लागू होने के कारण इस कृत्य को गंभीर माना गया. यह भी पढ़े: VIDEO: ‘सपा सरकार आने पर सभी मुकदमे होंगे वापस’ Azam Khan की रिहाई पर बोले Akhilesh Yadav, बीजेपी पर बोला तीखा हमला
आजम खान की बढ़ी मुश्किलें
#WATCH | Rampur, UP | Advocate Swadesh Sharma says, "This matter dates back to 2019, in which this incident, Mohammad Azam Khan made derogatory remarks against officials of the district administration. He delivered an inflammatory speech; notably, the Model Code of Conduct had… pic.twitter.com/12PTLCPprH
— ANI (@ANI) May 16, 2026
बार-बार उल्लंघन और पुलिस चार्जशीट
मामले की पृष्ठभूमि पर बात करते हुए वकील स्वदेश शर्मा ने बताया कि इस घटना से पहले भी चुनाव आयोग द्वारा आजम खान पर भाषण देने के संबंध में 48 घंटे और 72 घंटे के प्रतिबंध लगाए जा चुके थे. हालांकि उन्होंने लिखित रूप में अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने दोबारा उसी तरह का आचरण दोहराया. इसके बाद सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया था. मामले की जांच तत्कालीन जांच अधिकारी (IO) ऋषि पाल सिंह ने की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की.
वीडियो साक्ष्य बने सजा का मुख्य आधार
सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाह पेश किए गए, जो सभी सरकारी कर्मचारी थे और घटना के प्रत्यक्षदर्शी थे. इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वीडियो साक्ष्य की रही. अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए भाषण के वीडियो को आरोपी पक्ष की ओर से न तो खारिज किया गया और न ही उसकी प्रामाणिकता पर कोई सवाल उठाया गया. इसके चलते यह पूरी तरह साबित हो गया कि विवादित बयान आजम खान द्वारा ही दिया गया था.
कोर्ट का अंतिम फैसला और जुर्माना
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों को देखने के बाद आजम खान को संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया. न्यायालय ने अपने फैसले में उन्हें दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही संबंधित धाराओं के तहत पांच-पांच हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है. कानूनी जानकारों के मुताबिक, सजा की अवधि तीन साल से कम होने के कारण उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए जमानत मिलने का प्रावधान है.











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