CR Ticketless Commuters Penalty: सेंट्रल रेल का बिना टिकट यात्रा करने वाले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 41.90 यात्रियों से वसूले ₹251.91 करोड़ का जुर्माना
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CR Ticketless Commuters Penalty: मध्य रेल ने अपने नेटवर्क को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए चलाए जा रहे टिकट चेकिंग अभियानों में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हैं। रेलवे की समर्पित टीमों ने इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माने के रूप में रिकॉर्ड 251.91 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है.

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस साल बिना टिकट यात्रा के मामलों और जुर्माने की राशि में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष 38.05 लाख मामलों में 203.70 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था, जो इस बार 24 प्रतिशत बढ़कर 251.91 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.  यह भी पढ़े: Mumbai Local: मुंबई लोकल में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ रेलवे का शिकंजा, एक ही दिन में वसूले गए 55 हजार रुपये जुर्माना

मंडलवार टिकट चेकिंग का विवरण

मध्य रेल के विभिन्न मंडलों में बिना टिकट यात्रियों से हुई वसूली का विवरण इस प्रकार है:

एसी लोकल ट्रेनों पर कड़ी नजर

मध्य रेल ने एसी लोकल सेवाओं के विस्तार के साथ ही इनमें बिना टिकट यात्रा करने वालों पर भी नकेल कसी है। वित्त वर्ष 2025-26 में एसी लोकल में बिना वैध टिकट यात्रा करने वाले 1.23 लाख यात्रियों को पकड़ा गया, जिससे 3.89 करोड़ रुपये का जुर्माना प्राप्त हुआ. पिछले वर्ष की तुलना में एसी ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा के मामलों में 25 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है.

24 टिकट चेकिंग कर्मियों ने रचा इतिहास

इस अभियान की सफलता में मध्य रेल के टिकट चेकिंग स्टाफ की बड़ी भूमिका रही है. विभाग के 24 कर्मियों ने व्यक्तिगत रूप से 1 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित कर 'करोड़पति' बनने का कीर्तिमान स्थापित किया है। इन कर्मियों ने कुल मिलाकर 25.78 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है. इसमें मुख्यालय के 10, भुसावल के 10, मुंबई के 3 और पुणे मंडल का 1 कर्मी शामिल है.

रेलवे की सख्त चेतावनी

मध्य रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ ही यात्रा करें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि फर्जी टिकट का उपयोग करना या बिना टिकट यात्रा करना भारतीय न्याय संहिता अधिनियम 2023 के तहत एक गंभीर अपराध है। इसके लिए यात्रियों को भारी जुर्माने के साथ-साथ 7 वर्ष तक की जेल या दोनों का सामना करना पड़ सकता है.

रेलवे का कहना है कि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के गहन टिकट चेकिंग अभियान जारी रहेंगे