केंद्र ने जारी किए नए दिशानिर्देश- अब गोपनीय मुद्दों पर बैठकों में स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच का नहीं होगा इस्तेमाल, व्हाट्सएप व टेलीग्राम पर भी रोक
राष्ट्रीय संचार दिशानिर्देशों के लगातार उल्लंघन और वर्गीर्कत सूचनाओं के लीक को रोकने के लिए सरकारी निर्देशों के बीच, केंद्र ने वर्तमान प्रणाली की समीक्षा के बाद खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई एक संशोधित संचार एडवायजरी जारी की है.
नई दिल्ली, 21 जनवरी : राष्ट्रीय संचार दिशानिर्देशों के लगातार उल्लंघन और वर्गीर्कत सूचनाओं के लीक को रोकने के लिए सरकारी निर्देशों के बीच, केंद्र ने वर्तमान प्रणाली की समीक्षा के बाद खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई एक संशोधित संचार एडवायजरी जारी की है. सूत्रों के अनुसार, नए संचार दिशानिर्देशों ने सभी सरकारी अधिकारियों को गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम आदि का उपयोग नहीं करने के लिए कहा है क्योंकि इन ऐप्स के सर्वर विदेशों में निजी कंपनियों द्वारा नियंत्रित किए जाते हैं और उस जानकारी का कुछ भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि 'वर्क फ्रॉम होम' (डब्ल्यूएफएच) के दौरान, अधिकारी संचार के लिए केवल ई-ऑफिस एप्लिकेशन का उपयोग करें.
संशोधित दिशानिर्देशों ने अधिकारियों से डब्ल्यूएफएच के दौरान होम सेटअप के माध्यम से गुप्त जानकारी या दस्तावेजों को साझा करना बंद करने के लिए भी कहा और निर्देश दिया कि होम सिस्टम को केवल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के माध्यम से कार्यालय नेटवर्क से जोड़ा जाना चाहिए. सभी मंत्रालयों को ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए 'तत्काल कदम' उठाने और गोपनीय या प्रतिबंधित संचार से निपटने के दौरान संचार सुरक्षा नीतियों और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है. इस विकास से अवगत कराते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "किसी भी वर्गीर्कत या गुप्त दस्तावेजों को अधिकारियों के मोबाइल सेट में संग्रहित नहीं किया जाना चाहिए. इसे किसी भी अधिकारी के साथ मोबाइल द्वारा साझा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि नए संचार ऐप के सर्वर निजी स्वामित्व के हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मुद्दों से संबंधित के लिए एक बड़ा जोखिम पैदा कर सकते हैं." यह भी पढ़ें : UP Assembly Elections 2022: कांग्रेस ने किया उत्तरप्रदेश में 20 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा, परीक्षा फीस भी होगी माफ
सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों और शीर्ष अधिकारियों को परिचालित किए गए नए संचार मानदंडों को वर्गीकृत मुद्दों या राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा के दौरान बैठक के दौरान स्मार्ट वॉचिस या स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करने के लिए कहा गया है. उन्हें यह भी सलाह दी गई है कि वे विभिन्न कार्यालय सहायक उपकरण जैसे अमेजन का एलेक्सा, ऐप्पल होमपॉड आदि का उपयोग न करें. नए दिशानिर्देशों ने वर्चुअल मीटिंग के मानदंडों को भी विस्तृत किया है, जो पिछले दो वर्षों से कोविड-19 अवधि में एक नया मानदंड बन गया है. यह अधिकारियों को गूगल मीट या जूम एप्लिकेशन जैसे निजी ऐप पर वर्चुअल मीटिंग नहीं करने का निर्देश देता है, बल्कि उन्हें सलाह दी गई है कि वे एडवांस कंप्यूटिंग विभाग (सी-डैक), राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा स्थापित वीडियो कॉन्फ्रेंस सॉल्यूशंस का उपयोग अनिवार्य के साथ करें. चैट रूम और प्रतीक्षालय सुविधाओं तक पहुँचने के लिए पासवर्ड का उपयोग करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 21, 2022 04:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

