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गुरमीत राम रहीम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में CBI की विशेष अदालत आज सुनाएगी फैसला

करीब 16 साल पहले हुई पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में आज पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम इस हत्या के मुख्य आरोपी हैं.

गुरमीत राम रहीम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में CBI की विशेष अदालत आज सुनाएगी फैसला
गुरमीत राम रहीम (Wikimedia Commons)

रोहतक: करीब 16 साल पहले हुई पत्रकार रामचंद्र छत्रपति (Journalist Ram Chandra Chattrapati)  की हत्या के मामले (Murder Case) में आज पंचकुला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट (CBI Court) अपना फैसला सुना सकती है. डेरा सच्चा सौदा (Dera sacha sauda) के प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) इस हत्या के मुख्य आरोपी हैं. बताया जा रहा है कि पुलिस गुरमीत सिंह राम रहीम की कोर्ट में पेशी को लेकर काफी परेशान थी, लेकिन बाद यह फरमान जारी किया गया कि राम रहीम की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी.

दरअसल, पुलिस को इस बात की आशंका थी कि गुरमीत राम रहीम को पंचकुला की विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया तो कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है और हालात बेकाबू हो सकते हैं. इसलिए हरियाणा सरकार ने कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम की पेशी के लिए अपील की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.

बता दें कि गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं और उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी. इसके मद्देनजर सुनारिया जेल और विशेष सीबीआई कोर्ट के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंजाब और हरियाणा पुलिस ने अलर्ट जारी किया है.

ज्ञात हो कि साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था, क्योंकि डेरे में होनेवाली अनैतिक गतिविधियों से जुड़ी खबरें लगातार अपने समाचार पत्र के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे थे. 16 साल पहले हुई हत्या के इस मामले में मृतक पत्रकार के परिवार ने मामला दर्ज कराया था और इस हत्याकांड की जांच का जिम्मा नवंबर 2003 में सीबीआई को सौंप दिया गया. इस मामले में साल 2007 में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करते हुए डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम को हत्या की साजिश रचने का आरोपी माना था. यह भी पढ़ें: जनरल कोटा: संसद से पास होने के अगले ही दिन सवर्ण आरक्षण के संविधान संशोधन बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

गौरतलब है कि इस मामले की सुनवाई पिछले हफ्ते पूरी हो चुकी है और जज जगदीप सिंह इस हत्याकांड में आज फैसला सुनाएंगे. इस दौरान किसी तरह की अनहोनी न हो इसके लिए मालवा क्षेत्र के 8 जिलों में सुरक्षा बलों की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, कोटकपूरा, जैतो, बाघा पुराना में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2019 09:39 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).