Bulli Bai App: बुल्ली बाई ऐप का निर्माता इंजीनियरिंग छात्र नीरज बिश्नोई असम से गिरफ्तार
सुल्ली डील मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. पिछली बार जब सुल्ली डील ऐप सामने आया था, तब अज्ञात लोगों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी. हालांकि इसके पीछे के दोषियों को कभी गिरफ्तार नहीं किया गया. सुल्ली और बुल्ली बाई जैसे नाम मुस्लिम महिलाओं के लिए एक अपमानित करने वाले नामों के तौर पर हैं.
नई दिल्ली: बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai App) मामले में मुख्य आरोपी माने जा रहे नीरज बिश्नोई (Neeraj Bishnoi) को पुलिस (Police) ने गिरफ्तार कर लिया है. बताया जा रहा है कि गिटहब पर बुल्ली बाई का मुख्य साजिशकर्ता और निर्माता और ऐप का मुख्य ट्विटर (Twitter) अकाउंट चलाने वाला नीरज बिश्नोई ही है, जो कि एक इंजीनियरिंग (द्वितीय वर्ष) का छात्र है. उसे दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के स्पेशल सेल की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस यूनिट) ने असम (Assam) से गिरफ्तार किया है. Bulli Bai Row: मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले का बड़ा बयान, कहा- ‘बुली बाई’ ऐप मामले में तीन गिरफ्तार, और लोगों के शामिल होने की आशंका
बिश्नोई को डीसीपी केपीएस मल्होत्रा के नेतृत्व वाली आईएफएसओ टीम ने असम से गिरफ्त में लिया है. बिश्नोई असम के जोरहाट गांव का रहने वाला है. वह वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल से बी टेक, कंप्यूटर साइंस का दूसरे वर्ष का छात्र है.
बिश्नोई को फ्लाइट से असम से दिल्ली लाया जाएगा, जो गुरुवार शाम को इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उतरेगी. मुंबई पुलिस पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक 18 वर्षीय लड़की श्वेता सिंह, एक 21 वर्षीय मयंक रावत, एक डीयू छात्र और एक इंजीनियरिंग छात्र विशाल कुमार झा शामिल हैं.
मुंबई पुलिस ने गिरफ्तारियां बेंगलुरु और उत्तराखंड से की हैं. विशाल झा और मयंक पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि श्वेता की पुलिस हिरासत पांच जनवरी को खत्म हो गई थी.
बुल्ली बाई मामला इन दिनों काफी चर्चा में है, जहां कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं को टारगेट करके अपमानित किया जा रहा था. ऐसा आरोप है कि बुल्ली बाई ऐप पर मुस्लिम महिलाओं के सोशल मीडिया हैंडल से फोटो को डाउनलोड करके नीलामी के लिए पोस्ट किया जाता था और फिर लोगों को मुस्लिम महिलाओं की नीलामी के लिए प्रोत्साहित किया जाता था.
इससे पहले इसी तरह का एक सुल्ली डील मामला भी सामने आया था। बुल्ली बाई घटनाक्रम सुल्ली डील विवाद के छह महीने बाद सामने आया. बुल्ली बाई एक एप्लीकेशन है, जिसे गिटहब पर होस्ट किया गया था. इस ऐप के जरिए कथित तौर पर मुस्लिम महिलाओं की सौदेबाजी की जाती थी.
एक जनवरी को गिटहब के स्पेस में परफॉर्म कर रहे इस ऐप ने एक खास धर्म की कई महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट की थीं. इनमें पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और मशहूर हस्तियां शामिल थीं. इंजीनियरिंग का छात्र विशाल कुमार झा, बुल्ली बाई के फॉलोअर्स में से एक था.
गिटहब ने विवाद बढ़ने के बाद हालांकि यूजर बुल्ली बाई को अपने होस्टिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिया था, लेकिन तब तक बुल्ली बाई मामले ने देशव्यापी विवाद खड़ा कर दिया था. एक खालिस्तानी समर्थक की डिस्प्ले तस्वीर के साथ एक ट्विटर हैंडल द्वारा भी बुल्ली बाई ऐप का भी प्रचार किया जा रहा था.
यह ट्विटर हैंडल बुल्ली बाई ऐप का समर्थन करते हुए कह रहा था कि महिलाओं को ऐप से बुक किया जा सकता है. यह हैंडल साथ ही साथ खालिस्तानी कंटेंट का प्रचार भी कर रहा था. शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने मुंबई पुलिस को पत्र लिखा, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया. इस सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने भी एक मामला दर्ज किया है.
सुल्ली डील मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. पिछली बार जब सुल्ली डील ऐप सामने आया था, तब अज्ञात लोगों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी. हालांकि इसके पीछे के दोषियों को कभी गिरफ्तार नहीं किया गया. सुल्ली और बुल्ली बाई जैसे नाम मुस्लिम महिलाओं के लिए एक अपमानित करने वाले नामों के तौर पर हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 06, 2022 07:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

