BSE Deepfake Alert: शेयर बाजार निवेशकों के लिए चेतावनी, BSE ने CEO सुंदररामन राममूर्ति के डीपफेक वीडियो को लेकर किया आगाह

BSE Deepfake Alert:  भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज BSE लिमिटेड ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को निवेशकों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है. एक्सचेंज ने बताया कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एक डीपफेक वीडियो फिर से प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें BSE के एमडी और सीईओ सुंदररामन राममूर्ति को कथित तौर पर स्टॉक टिप्स और निवेश की सलाह देते हुए दिखाया गया है. BSE ने स्पष्ट किया है कि यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है.

डीपफेक तकनीक का गलत इस्तेमाल

एक्सचेंज के अनुसार, जालसाजों ने डीपफेक तकनीक का उपयोग करके सीईओ की आवाज और चेहरे को इस तरह से बदला है कि वह असली लगे. इस वीडियो में निवेशकों को कम समय में असामान्य और गारंटीड रिटर्न का लालच दिया जा रहा है. वीडियो में दर्शकों को कुछ खास शेयरों में निवेश करने और 'एक्सक्लूसिव' टिप्स के लिए निजी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में शामिल होने के लिए उकसाया जा रहा है.  यह भी पढ़े:  Deepfake Misuse Case: पीएम मोदी की डीपफेक फोटो पोस्ट करने वाले आरोपी को दिल्ली कोर्ट से मिली जमानत; गिरफ्तारी के दस्तावेजों की जांच के आदेश

चार महीनों में चौथी ऐसी घटना

BSE ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले चार महीनों में यह इस तरह की चौथी घटना है. यह बार-बार होने वाली घटनाएं दर्शाती हैं कि स्कैमर्स सार्वजनिक भरोसे का फायदा उठाकर मासूम निवेशकों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. एक्सचेंज ने साफ तौर पर कहा कि न तो सुंदररामन राममूर्ति और न ही BSE का कोई अन्य अधिकारी कभी भी निजी तौर पर स्टॉक टिप्स या निवेश की सलाह देता है.

आधिकारिक चैनलों पर ही करें भरोसा

संस्था ने निवेशकों से आग्रह किया है कि वे ऐसे किसी भी वीडियो, संदेश या लिंक पर भरोसा न करें और न ही इन्हें आगे फॉरवर्ड करें. BSE ने सलाह दी है कि निवेशक केवल आधिकारिक BSE वेबसाइट और सेबी (SEBI) द्वारा पंजीकृत मध्यस्थों के माध्यम से साझा की गई जानकारी पर ही विश्वास करें.

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

BSE ने कहा है कि वह इस फर्जी सामग्री को सोशल मीडिया से हटवाने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है. साथ ही, इस धोखाधड़ी के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.

एक्सचेंज ने सेबी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे निवेशक जागरूकता अभियानों का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य लोगों को फर्जी 'फिनफ्लुएंसर्स' (Finfluencers) और अवैध निवेश योजनाओं के खतरों के बारे में शिक्षित करना है.