गणतंत्र दिवस से पहले नोएडा और अहमदाबाद के स्कूलों में बम की धमकी: सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, कई स्कूल खाली कराए गए (Watch Videos)
स्कूलों में बम की धमकी (Photo Credits: IANS)

नोएडा/अहमदाबाद: देश में गणतंत्र दिवस (Republic Day)  समारोह की तैयारियों के बीच शुक्रवार सुबह नोएडा (Noida) और अहमदाबाद (Ahmedabad) के कई बड़े निजी स्कूलों (Private Schools) में उस समय हड़कंप मच गया, जब उन्हें ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी (Bomb Threats) मिली. सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और प्रभावित स्कूलों को तुरंत खाली करा लिया गया. पुलिस प्रशासन, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वायड और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Republic Day Parade 2026: 'वंदे मातरम' की गूंज और स्वदेशी शक्ति का प्रदर्शन, यहां जानें परेड का समय, चीफ गेस्ट और लाइव स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारी

नोएडा: शिव नादर और आर्मी पब्लिक स्कूल समेत कई संस्थान प्रभावित

नोएडा में शिव नादर स्कूल (Shiv Nadar School), कैम्ब्रिज स्कूल (Cambridge School) और आर्मी पब्लिक स्कूल (Army Public School) जैसे हाई-प्रोफाइल संस्थानों को निशाना बनाया गया है.

  • शिव नादर स्कूल: ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत छुट्टी की घोषणा कर दी. अभिभावकों को संदेश भेजकर बच्चों को बस स्टॉप से लेने या स्कूल से ले जाने के लिए कहा गया.
  • बाल भारती पब्लिक स्कूल: यहां प्री-प्राइमरी कक्षाओं को सुरक्षा कारणों से समय से पहले ही घर भेज दिया गया.

नोएडा पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है और साइबर सेल की टीम इन ईमेल के 'आईपी एड्रेस' को ट्रैक करने के लिए तकनीकी जांच कर रही है.

अहमदाबाद: सात स्कूलों को मिले धमकी भरे मेल

गुजरात के अहमदाबाद में भी लगभग सात स्कूलों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिले हैं. इनमें सेंट जेवियर्स (Loyola), सेंट कबीर (St. Kabir), डीपीएस बोपल (DPS Bopal) और कैलोरेक्स स्कूल (Calorex School) शामिल हैं.

बम की धमकी के बाद अहमदाबाद के कैलोरेक्स स्कूल को कराया गया खाली

नोएडा के सेंट एग्नेल स्कूल को बम की धमकी मिली

गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट

26 जनवरी के मद्देनजर देशभर में पहले से ही सुरक्षा कड़ी है. पुलिस का मानना है कि शरारती तत्वों ने दहशत फैलाने के लिए इस समय को चुना है. नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित सूचना या अफवाह को साझा न करें.

जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इन ईमेल को भेजने के लिए VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल किया गया था, ताकि भेजने वाले की पहचान छिपाई जा सके.

पुरानी घटनाओं का संदर्भ

पिछले साल दिसंबर 2025 में भी दिल्ली-एनसीआर के कई स्कूलों को इसी तरह के सामूहिक ईमेल भेजे गए थे, जो बाद में फर्जी (Hoax) निकले थे. सुरक्षा एजेंसियां आज के मामले को भी गंभीरता से ले रही हैं और प्रत्येक परिसर की पूर्ण सुरक्षा जांच के बाद ही स्कूलों को क्लियरेंस दिया जा रहा है.