BMC Election 2026: देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में शामिल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव एक बार फिर राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है. लगभग ढाई दशक बाद बदले हुए राजनीतिक समीकरणों के बीच यह चुनाव सिर्फ नगरसेवकों का नहीं, बल्कि मुंबई की भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं. महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग ने मुंबई बीएमसी चुनावों का ऐलान हो गया है. मुंबई में 15 जनवरी को वोट डाले जाएंगे, जबकि अगले दिन यानी 16 जनवरी को मतों की गिनती होगी. मुंबई में आखिरी बार चुनाव 2017 में हुए थे. यह भी पढ़ें: BMC Elections 2026: मुंबई महापालिका चुनाव की रणभूमि में महायुति का सीट बंटवारा, अजित पवार गुट पर अटका पेच, जानिए क्या हैं सीटों का समीकरण
मुंबई में बीएमसी चुनावों को लेकर महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों गठबंधनों में खींचतान साफ नजर आ रहा है. एक तरफ शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीजेपी से 105 सीटों की मांग रखी है. वहीं बीजेपी ने अपने सहयोगी को केवल 60 से 70 सीटें ऑफर की हैं. सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई बैठक में शिंदे ने ट्रिपल डिजिट की मांग रखते हुए तर्क दिया कि उनके पास 60 पूर्व सेना पार्षद हैं और मराठीबहुल इलाकों में शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन से मुकाबला करने के लिए ज्यादा सीटें जरूरी हैं.
2017 बीएमसी चुनाव — मुख्य आंकड़े
2017 के बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव में कुल 227 सीटों पर मुकाबला हुआ था. परिणाम इस प्रकार रहे:
शिवसेना: 84 सीटें
बीजेपी (BJP): 82 सीटें
कांग्रेस: 31 सीटें
एनसीपी: 9 सीटें
मनसे: 7 सीटें
अन्य छोटे दल और निर्दलीय: कुछ सीटें
कुल वोटरों की संख्या लगभग 91.8 लाख थी. मतदान प्रतिशत करीब 55.5% रहा. उस समय शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी थी जबकि बीजेपी बहुत करीब थी. कांग्रेस और एनसीपी की पकड़ कमजोर पड़ी थी.
2026 बीएमसी चुनाव — क्या बदल गया?
अब 15 जनवरी 2026 को बीएमसी चुनाव होने जा रहे हैं, जिनके कुछ अहम बदलाव इस प्रकार हैं:
मतदाताओं की संख्या में भारी वृद्धि:
अब मुंबई में 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता हैं.
सीट और वार्ड की संरचना: बीएमसी के कुल 227 सीटें पहले की तरह हैं, लेकिन वोटरों, आरक्षण और स्थानीय समीकरण में बदलाव नजर आ रहा है- जैसे महिलाओं और ओबीसी-अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित सीटें.
वार्डों का पुनर्गठन: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ नए वार्ड और परिसीमन के बदलाव (डिलीमिटेशन) भी चुनाव की तस्वीर बदल रहे हैं.
राजनीतिक बदलाव- गठबंधन और समीकरण
2017 में मुख्य मुकाबला शिवसेना बनाम बीजेपी था. लेकिन 2026 में पूरी तस्वीर बदल गई है:
महायुति गठबंधन: बीजेपी अब शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है- यह पहली बार है जब यह दोनों बड़े गुट एक साथ बीएमसी में उतर रहे हैं.
शिवसेना (उद्धव-राज) का नया गठबंधन: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने मनसे (MNS) के साथ सीट शेयरिंग कर बड़े चुनावी गठबंधन का ऐलान किया है.
2017 में शिवसेना अलग और भाजपा अलग लड़ रहे थे- लेकिन 2026 में बड़े गठबंधन और धड़ों के साथ मुकाबला होने की संभावना है.
मतदाता व्यवहार और नए मुद्दे
महिला मतदाताओं की भूमिका:
एक ताज़ा सर्वे के अनुसार, लगभग 65% महिला मतदाता अब स्वतंत्र रूप से निर्णय ले रहे हैं- पहले के मुकाबले यह एक नया ट्रेंड माना जा रहा है.
महिला वोटरों के लिए मुख्य मुद्दे हैं:
सार्वजनिक सुरक्षा और CCTV
हेल्पलाइन सुविधाएँ
सड़क, जलभराव और सफाई जैसी रोजमर्रा की समस्याएँ
इन मुद्दों का असर 2026 के चुनाव में अलग किस्म के राजनीतिक संदेश और वादों पर दिख सकता है.
मुख्य अंतर — 2017 बनाम 2026
| पहलू | 2017 | 2026 (अपेक्षित/चल रहा) |
|---|---|---|
| सीटें | 227 | 227 |
| मुख्य खेल | शिवसेना vs BJP | महायुति (BJP+Shinde) vs शिवसेना (UBT+MNS) |
| मतदाता संख्या | ~91.8 लाख | ~1.03 करोड़+ |
| गठबंधन | अलग-अलग | बड़े गठबंधन |
| महिला मतदाता सक्रियता | सामान्य | ज्यादा स्वतंत्र निर्णय |
| वार्ड विश्लेषण | पुराना डिलीमिटेशन | नए परिसीमन के साथ बदलाव |
2017 से 2026 तक बीएमसी काफी बदल गई- सिर्फ सीटों तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरण, गठबंधन, मतदाता संख्या, और स्थानीय मुद्दों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है.
महायुति vs आतंरिक शिवसेना गठबंधन, और महिला मतदाता की बढ़ती सक्रियता, नए जनादेश के संकेत दे रहे हैं कि यह चुनाव 2017 से कहीं अधिक प्रचलित और प्रतिस्पर्धात्मक होगा.
बीएमसी चुनाव 2017 vs 2026 — तुलना चार्ट (अंक और अनुमान)
| बिंदु | 2017 BMC चुनाव (वास्तविक परिणाम) | 2026 BMC चुनाव (अनुमान / सर्वे आधारित त्वरित आंकड़ा) |
|---|---|---|
| कुल सीटें | 227 | 227 (जैसा चुनाव आयोग सूची) |
| मतदाता संख्या | 91,80,653 | 1.03 करोड़+ * (सूत्रों के अनुसार मतदाता सूची बड़ी हुई है)* |
| मुख्य गठबंधन समीकरण | शिवसेना vs BJP vs कांग्रेस/एनसीपी | महायुति (BJP+शिंदे) vs ठाकरे बंधू (शिवसेना UBT+MNS) + कांग्रेस/एनसीपी अलग मुकाबले में |
| शिवसेना (मुख्य गुट) सीटें | 84 | 79 अनुमानित (सर्वे के अनुसार) |
| BJP सीटें | 82 | 114 अनुमानित (सर्वे/ट्रेंड आधार पर) |
| कांग्रेस सीटें | 31 | 19 अनुमानित (सर्वे |
| NCP (Sharad/Ajit गुट) | 9 | 5 अनुमानित (सर्वे) |
| अन्य/दूसरे छोटे पार्टियाँ | 21 (मिलाकर) | 10 अनुमानित |
| मतदान प्रतिशत | 55.53% (2017) | 2026 मतदान अभी होना बाकी — अनुमान लगाए जा रहे हैं (मतदाता संयोजन बड़ा हुआ) |
| महिला आरक्षण/नए नियम | सामान्य वार्ड संरचना | ~127 सीटें महिलाओं के लिए दर्ज-आरक्षित (SC/ST/OBC समेत) बड़ी बदलाव |
| वार्ड परिसीमन | पुराना डिलीमिटेशन | लगभग 20-25% वार्डों में सीमा बदलाव (री-ड्रॉ / रिटाइप) |
| राजनैतिक मुद्दे/वोटर ट्रेंड | पारंपरिक राजनीतिक धड़े, स्थानीय समस्याएँ | महिला सुरक्षा, रोजमर्रा सुविधाएँ अधिक अंकित |
2026 के अनुमानित सीट वितरण (झलक)
2026 के अंतिम परिणाम 16 जनवरी 2026 को घोषित होंगे, लेकिन महाराष्ट्र के मीडिया-अनुमानों और सर्वे के आधार पर ये संभावित आंकड़े सामने आ रहे हैं:
227 सीटों का अनुमानित विभाजन (सर्वे/पोल के आधार पर):
महायुति (BJP + शिंदे-शिवसेना)-114 सीटें
शिवसेना UBT + MNS- 79 सीटें
कांग्रेस- 19 सीटें
NCP (Sharad/Ajit गुट)- 5 सीटें
अन्य / छोटे दल- 10 सीटें
114 सीटें सबसे बड़ी संख्या है- और यह सत्ता के लिए आवश्यक संख्या भी है (227 में से 50% +1).
बदल गया कुल समीकरण
2017 में जहां शिवसेना और बीजेपी अलग-अलग लड़ रहे थे, वहीं 2026 में महायुति गठबंधन के साथ मुकाबला शिवसेना (UBT + MNS) के गठजोड़ से है-जिससे राजनीतिक तस्वीर और अधिक जटिल हो गई है.
वार्ड परिसीमन और आरक्षण भी बदल सकता है खेल
जैसा कि 2026 के लिए वार्ड लिमिट्स में भारी बदलाव और आरक्षण अधिक हुआ है, इससे चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन पर असर दिखाई दे रहा है.
मतदाता का रुख नया मुद्दों पर
पारंपरिक वोट-बैंक के अलावा अब महिला सुरक्षा और रोजमर्रा सुविधाओं जैसे स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं की रूचि और सक्रिय भूमिका बढ़ती दिख रही है- जिसका असर सीटों पर भी पड़ सकता है.











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