Maharashtra: महाराष्ट्र में एक बार फिर बीजेपी और ठाकरे सरकार में जुबानी जंग शुरू
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच फिर से जुबानी जंग शुरू हो गई है. दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं
मुंबई, 13 नवंबर: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (BJP) के बीच फिर से जुबानी जंग शुरू हो गई है. दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं. झगड़े का ताजा कारण राज्य भाजपा के उपाध्यक्ष किरीट सोमैया (Kirit Saumaiya) का वो बयान है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के परिवार के अलावा शिव सेना के दूसरे नेताओं और दिवंगत आर्किटेक्ट अनवय एम. नायक के बीच 30 से ज्यादा जमीन के सौदे की जांच की मांग उठाई थी.
सोमैया के इस बयान पर शिव सेना के एमपी ने भड़कते हुए कहा कि बयान देने से पहले किसी भी एजेंसी से जांच करा लो – ईडी (ED), सीबीआई (CBI) या फिर विदेशी सीआईए (CAI), एफबीआई (FBI) या रूसी केजीबी से. सोमैया के बयान को ओछी हरकत बताते हुए शिव सेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, वो क्या बात कर रहे हैं? कौन सी 30 संपत्तियां? पांच भी बता दो. एक ही करार हुआ है जो पूरी तरह वैध है.
भाजपा को 'सेठजी' पार्टी और सोमैया को व्यापारियों का प्रवक्ता बताते हुए राउत ने कहा, वो जो भी बोलते हैं दिल्ली में बैठे अपने बॉस के इशारे पर बोलते हैं. सोमैया के जांच की मांग पर राउत ने कहा, ईडी से ही क्यो, सीबीआई से भी जांच होनी चाहिए. और ईडी और सीबीआई पर ही जांच खत्म नहीं होनी चाहिए. अगर उनकी इच्छा हो तो वो इंटरपोल, सीआईए, एफबीआई, केजीबी और यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र के पास चले जाएं.
राउत ने कहा कि यही कारण है कि भाजपा अब कम से कम पांच साल महाराष्ट्र में विपक्ष में बैठेगी. इस पर सोमैया ने कहा, अगर ठाकरे में हिम्मत है तो वो महाराष्ट्र की जनता के सामने सच्चाई रखें. सोमैया ने राउत को चुनौती दी कि वो हमारे खिलाफ केस दर्ज करें अगर उनमें हिम्मत है तो.
उधर कांग्रेस के प्न्रवक्ता सचिन सावंत (Sachin Saawant) ने सोमैया पर हमला बोलते हुए कहा कि वो अनवय नाइक के सुसाइड मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, नाइक के सुसाइड और उसके लैंड डील के बीच क्या ताल्लुक है? सोमैया को इससे कोई लेना देना नहीं है कि नाइक को न्याय मिले. आपने देखा कैसे देवेन्द्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) सरकार ने जांच को प्रभावित किया क्योंकि आरोपी भाजपा से संबंधित है. भाजपा महाराष्ट्र (Maharashtra) विरोधी पार्टी है.
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ये नया विवाद तब खड़ा हुआ जब दिवंगत नाइक और ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे और वरिष्ठ शिवसेना नेता रवींद्र वकार (Ravindra Wakaar) की पत्नी मनीषा वायकर (Manisha Waaikar) के बीच 2014 में जमीन के सौदे की बात सोमैया ने उठाई थी. सोमैया ने आरोप लगाया कि ठाकरे और नाइक के बीच 30 भूमि सौदे हुए हैं, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि सौदों में कोई अनियमितता थी या नहीं. यह भी पढ़े: महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में पावरलूम इकाई में लगी आग; कोई हताहत नहीं.
यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है क्योंकि नाइक की विधवा अक्षता और बेटी अदन्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें 5 मई, 2018 को अन्वय नाइक और उसकी मां कुमुद नाइक की आत्महत्या के मामले की जांच फिर से शुरू करने की मांग की गई है. इस मामले में सुसाइड नोट में एक आरोपी का नाम गोस्वामी है.
राउत ने कहा कि सरकार एक मराठी मानस के परिवार और उसकी मां को न्याय सुनिश्चित करेगी. राउत ने कहा, वे (भाजपा) नहीं चाहते हैं कि एक मराठी को न्याय मिले. वो एक आरोपी से मिलने और एक अपराधी को बचाने की कोशिश करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 13, 2020 05:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

