Principal Himanshu Monga Viral Video Case: छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न! वीडियो वायरल होने के बाद बिलासपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल हिमांशु मोंगा गिरफ्तार

Himachal Pradesh Principal Himanshu Viral Video Case: बिलासपुर के सरकारी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज (Bilaspur Government Hydro Engineering College) के प्रिंसिपल हिमांशु मोंगा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह कदम उस वीडियो के वायरल होने के बाद उठाया गया है, जिसमें वह एक महिला छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार (Sexual Harassment of Female Student) करते नजर आ रहे हैं.

छात्रा ने मार्च 2024 में यह घटना पुलिस को बताई थी. बताया गया है कि तब छात्रा बीमार थी और प्रिंसिपल उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए थे. वहीं अस्पताल में ही प्रिंसिपल ने उसके साथ गलत व्यवहार किया. यह सब उस समय दूसरी महिला छात्राओं ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था. वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, जिससे कॉलेज में भारी गुस्सा फैल गया.

छात्रों ने कॉलेज के गेट पर धरना दिया और प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने जल्दी ही हिमांशु मोंगा को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि कहीं मोंगा पर कोई और भी शिकायत तो नहीं है.

हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें यह मामला पता चला, उन्होंने तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव और निदेशक से संपर्क किया. मंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद तुरंत एक जांच कमेटी बनाई गई है और रिपोर्ट दो दिन में दी जाएगी. इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने साफ कहा कि इस तरह के गलत व्यवहार को हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.

जिला स्तर पर बनी जांच कमेटी ने सभी पक्षों के बयान रिकॉर्ड किए और अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है. तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक अक्षय सूद ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

इस बीच सोशल मीडिया पर एक और शिकायत वायरल हो रही है, जो कि सुंदरनगर इंजीनियरिंग कॉलेज की एक पूर्व छात्रा ने अप्रैल में ई-समाधान पोर्टल पर की थी. उसने आरोप लगाया कि जब वह कॉलेज में पढ़ रही थी, तब भी हिमांशु मोंगा ने छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया था.

यह मामला साफ तौर पर दिखाता है कि शिक्षा संस्थानों में भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बहुत ही चिंताजनक हैं. ऐसे मामलों में तुरंत और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे और वे सुरक्षित महसूस कर सकें.