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Delhi Commission for Women: कॉलेजों में यौन उत्पीड़न रोकने को DCW ने डीयू व पुलिस से समन्वय बनाने को कहा

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने आईपी कॉलेज में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाओं के संबंध में इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज, दिल्ली पुलिस और दिल्ली विश्वविद्यालय को अंतरिम सिफारिशें जारी की हैं.

Delhi Commission for Women: कॉलेजों में यौन उत्पीड़न रोकने को DCW ने डीयू व पुलिस से समन्वय बनाने को कहा
Delhi Commission for Women (Photo Credit: Twitter, IANS)

नई दिल्ली, 11 अप्रैल: दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने आईपी कॉलेज में लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाओं के संबंध में इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज, दिल्ली पुलिस और दिल्ली विश्वविद्यालय को अंतरिम सिफारिशें जारी की हैं. डीसीडब्ल्यू ने पहले घटना की तारीख पर ही दिल्ली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मामले की जांच शुरू की थी और कॉलेज ने 4 अप्रैल को पुलिस को 231 शिकायतें और अभ्यावेदन भेजे थे. यह भी पढ़ें: Girl Custody To Father: अगर लड़की मां के साथ सहज नहीं तो पिता को कस्टडी देना जरूरी: पटना हाई कोर्ट

डीसीडब्ल्यू ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, कहा कि मिरांडा हाउस और गार्गी सहित दिल्ली विश्वविद्यालय के अन्य कॉलेजों में भी इसी तरह के अपराध हुए हैं. आयोग ने पुलिस से घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज एकत्र करने और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कहा. आयोग ने सिफारिश की है कि सभी पीड़ितों के बयान तुरंत दर्ज किए जाने चाहिए.

आईपी कॉलेज ने 27 अक्टूबर, 2022 को दिल्ली विश्वविद्यालय की सलाह के बावजूद, विशेष रूप से कॉलेजों को ऐसा करने के लिए कहने के बावजूद, कार्यक्रम आयोजित करने से पहले पुलिस की अनुमति नहीं मांगी थी. आयोग ने सिफारिश की कि दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली पुलिस को पहले पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समन्वित रणनीति तैयार करनी चाहिए.

इस मामले में आईपी कॉलेज के प्राचार्य भी आयोग के सामने पेश हुए और बताया कि इस घटना की जांच के लिए एक 'अनुशासनात्मक समिति' का गठन किया गया है. डीसीडब्ल्यू ने सिफारिश की थी कि आईपी कॉलेज में यौन उत्पीड़न की सभी शिकायतों को तुरंत कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति को भेजा जाना चाहिए ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके.

आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय के स्तर पर गठित जांच समिति को गैर-समावेशी पाया, क्योंकि इसमें लैंगिक मुद्दों पर काम करने वाले कोई भी छात्र और विशेषज्ञ संगठन नहीं थे. डीसीडब्ल्यू ने अंतरिम सिफारिशें दी हैं और 18 अप्रैल तक विभागों से विस्तृत बिंदुवार एटीआर मांगा है. डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा, हमने मामले पर अपनी रिपोर्ट दी है और मैं कड़ी कार्रवाई की उम्मीद करती हूं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2023 02:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).