पीएम Narendra Modi का बड़ा बयान, कहा- 2022 को भारत-आसियान के लिए मित्रता वर्ष के रूप में मनाया जाएगा
भारत-आसियान शिखर सम्मेलन के 18वें संस्करण में भाग लेते हुए, मोदी ने कहा, "भारत आगामी अध्यक्ष कंबोडिया और हमारे कंट्री को-ऑर्डिनेटर सिंगापुर के साथ मिलकर आपसी संबंधों को और गहन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. अब मैं आप सभी के विचार सुनने के लिए आतुर हूं."
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2022 को भारत (India) और आसियान देशों के लिए मित्रता वर्ष के रूप में मनाया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2022 में आसियान (ASEAN) और भारत की साझेदारी को 30 वर्ष हो जाएंगे, इसलिए इसे आसियान-भारत मित्रता वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत भी अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेगा. PM Modi UP Visit: पीएम मोदी का यूपी दौरा आज, प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का करेंगे शुभारंभ
भारत-आसियान शिखर सम्मेलन के 18वें संस्करण में भाग लेते हुए, मोदी ने कहा, "भारत आगामी अध्यक्ष कंबोडिया और हमारे कंट्री को-ऑर्डिनेटर सिंगापुर के साथ मिलकर आपसी संबंधों को और गहन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. अब मैं आप सभी के विचार सुनने के लिए आतुर हूं."
उन्होंने आगे कहा, "इतिहास गवाह है कि भारत और आसियान के बीच हजारों साल से जीवंत संबंध रहे हैं. भारत-आसियान संबंध हमारे साझा मूल्यों, परंपराओं, भाषाओं, शास्त्रों, वास्तुकला, संस्कृति, भोजन सहित हर चीज में परिलक्षित होते हैं."
पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाली कोविड महामारी के बारे में बोलते हुए उन्होंने आगे कहा कि कोविड काल भारत-आसियान मित्रता की परीक्षा भी रही है.
पीएम मोदी ने कहा, "महामारी के कारण हम सभी को अनेक चुनौतियों से जूझना पड़ा. लेकिन यह चुनौतीपूर्ण समय भारत-आसियान मित्रता की कसौटी भी रहा. कोविड काल में हमारा आपसी सहयोग, आपसी संवेदना, भविष्य में हमारे संबंधों को बल देते रहेंगे और हमारे लोगों के बीच सद्भावना का आधार रहेंगे."
उन्होंने आगे कहा कि आसियान की एकता और केंद्रीयता हमेशा भारत के लिए प्राथमिकता रही है और इतिहास ने इस तथ्य को देखा है कि हजारों वर्षों से हमारे संबंध रहे हैं. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव (आईपीओआई) और इंडो-पैसिफिक के लिए आसियान का आउटलुक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उनकी साझा ²ष्टि और आपसी सहयोग की रूपरेखा है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान, सदस्य राष्ट्रों के प्रमुख भारत और आसियान रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिस पर 2012 में हस्ताक्षर किए गए थे. वे कोविड-19, स्वास्थ्य, व्यापार और निवेश, कनेक्टिविटी, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति की भी समीक्षा करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 28, 2021 08:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

