West Bengal Assembly Elections 2026: केंद्रीय एजेंसी की जांच में बाधा डालना लोकतंत्र के खिलाफ, टीएमसी पर बरसे पीएम नरेंद्र मोदी

West Bengal Assembly Elections 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर टीएमसी पर तीखा हमला बोला है. रविवार को हुगली जिले के हरिपाल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों की जांच में बाधा डालने की कोशिश की, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव से पहले हुगली में TMC पर बरसे PM मोदी, बोले- 'अत्याचार की हद हो गई, अब जनता करेगी अन्याय का विसर्जन'; VIDEO

प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान सबूतों को नष्ट करने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक बताया है. पीएम मोदी के मुताबिक अदालत का फैसला राज्य सरकार और टीएमसी के लिए करारा जवाब है.

उन्होंने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 2024 में हुई महिला जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि इस मामले में भी राज्य प्रशासन पर जांच में बाधा डालने और सबूतों को मिटाने के आरोप लगे, जिसके बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच शुरू की गई.

प्रधानमंत्री ने 2023 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी सुरक्षा सुनिश्चित करने की होती है, लेकिन उस समय हालात इतने खराब थे कि अदालत को केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देना पड़ा.

इसके अलावा पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में कथित स्कूल भर्ती घोटाले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस मामले में भी राज्य सरकार निष्पक्ष जांच कराने में विफल रही और केंद्रीय एजेंसियों की जांच में सहयोग नहीं किया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के एक मंत्री के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ.

पीएम मोदी ने कहा कि यदि राज्य सरकार संवेदनशील होती तो वह खुद निष्पक्ष जांच कराती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के चलते तृणमूल कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है.